क्या अगले 4-5 दिनों तक जारी रहने वाला भीषण शीतलहर और घने कोहरे का यह 'बर्फीला सितम' उत्तर भारत की रफ़्तार पूरी तरह थाम देगा?
IMD ने उत्तर भारत और मध्य भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीज़न से पहले मौसम की यह स्थिति आम जनजीवन और यातायात को प्रभावित कर सकती है। लोगों को सावधानी और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

देशभर में शीतकालीन मौसम ने अपनी पकड़ बनाए रखी है और भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए ठंड को लेकर चेतावनी जारी की है। ताज़ा मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, त्योहारों और शादी-विवाह के सीज़न से पहले उत्तर भारत और कुछ मध्य भारत के हिस्सों में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा बना रह सकता है। इस चेतावनी ने आम लोगों के साथ-साथ प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की भी तैयारियों को तेज़ कर दिया है।
IMD ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि हिमालयी क्षेत्र से ठंडी हवाओं के असर और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के कारण उत्तर भारत में न्यूनतम तापमान में गिरावट जारी रहेगी। खासकर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और बिहार के कई जिलों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने का अनुमान है। इसी के साथ, सुबह और रात के समय घना कोहरा और स्मॉग की संभावना बनी हुई है, जो सड़क और रेल यातायात के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि कोहरे और शीतलहर की यह स्थिति आम जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। स्कूल, कॉलेज और कार्यालयों को देर से खुलने या समय में बदलाव के लिए अलर्ट रहने की सलाह दी गई है। IMD ने नागरिकों से आग्रह किया है कि सुबह-सुबह वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें और घना कोहरा होने पर विज़िबिलिटी कम होने के कारण तेज़ रफ्तार से वाहन चलाने से बचें।
उत्तर भारत में तापमान में गिरावट से सर्दी की बीमारियों, जैसे कि खांसी-जुकाम, वायरल संक्रमण और निमोनिया के मामलों में वृद्धि की संभावना रहती है। स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी करते हुए आवश्यक दवाओं और चिकित्सीय सुविधाओं को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञों ने कहा है कि बुजुर्गों, बच्चों और रोगियों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि ये वर्ग शीतलहर और कोहरे से सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।
IMD ने मौसम पूर्वानुमान में बताया है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कुछ इलाकों में हल्की बर्फबारी या बर्फ की बूंदों के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। हिमालयी राज्यों और उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश के उच्च इलाकों में तापमान और गिरावट के साथ बर्फबारी का दौर जारी रहने की संभावना है। इससे पर्वतीय पर्यटन क्षेत्रों में ठंड और यात्रियों के लिए अतिरिक्त सावधानियों की जरूरत होगी।
देश के मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा और स्मॉग का असर विशेष रूप से सुबह और शाम के समय परिवहन को प्रभावित कर सकता है। रेलवे और हवाई सेवाओं ने भी IMD की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और संचालन संबंधी निर्देश जारी किए हैं। सड़क मार्गों पर धीमी रफ्तार, हेडलाइट्स और धुंध वाले स्थानों पर सतर्कता रखने की सलाह दी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कड़ाके की ठंड अगले सप्ताह तक बनी रह सकती है। इस दौरान लोग अपने पहनावे, हीटिंग उपकरणों और स्वास्थ्य का ध्यान रखकर ही बाहर निकलें। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीज़न में यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह अलर्ट बेहद अहम है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भी शहरों और ग्रामीण इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है।
कुल मिलाकर, IMD का ताज़ा मौसम पूर्वानुमान और ठंड के अलर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सेलेबरेशन सीज़न से पहले लोग पूरी सावधानी बरतें। घना कोहरा, स्मॉग और कड़ाके की ठंड के बीच सतर्कता, सुरक्षा उपाय और स्वास्थ्य का ध्यान ही इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।

