1 मार्च 2026 को उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदल रहा है। मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री अधिक रहने का अनुमान है। जानें आज का अधिकतम और न्यूनतम तापमान और मौसम विभाग की चेतावनी।

नई दिल्ली: मार्च का महीना आमतौर पर सर्दियों की विदाई और हल्की बसंत की शुरुआत माना जाता है, लेकिन 1 मार्च 2026 को उत्तर भारत में मौसम के संकेत कुछ अलग ही कहानी बयां कर रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा अपडेट के अनुसार, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सर्दियां अब तेजी से पीछे छूट रही हैं।

तापमान की स्थिति: सामान्य से ऊपर

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर भारत के कई राज्यों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3-5°C तक अधिक दर्ज किया जा रहा है। विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन का तापमान 30°C से 34°C के बीच रहने का अनुमान है। हालांकि, सुबह और रात के समय अभी भी हल्की गुलाबी ठंड महसूस की जा सकती है, लेकिन दोपहर की धूप अब चुभने लगी है।

राज्यों के अनुसार तापमान का एक अनुमान:

  • दिल्ली-एनसीआर: 31°C - 33°C (अधिकतम)
  • पंजाब और हरियाणा: 30°C - 35°C (अधिकतम)
  • राजस्थान: 31°C - 36°C (गर्म हवाओं का असर)
  • पहाड़ी इलाके (हिमाचल/उत्तराखंड): 18°C - 24°C (पहाड़ों पर मौसम अभी भी सुहावना है)

क्या बारिश की संभावना है?

अगर आप सोच रहे हैं कि क्या मार्च की शुरुआत बारिश के साथ होगी, तो उत्तर भारत के मैदानी इलाकों (दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी) के लिए फिलहाल ऐसा कोई पूर्वानुमान नहीं है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूरे क्षेत्र में मौसम मुख्य रूप से शुष्क (Dry) रहने वाला है। बारिश या बर्फबारी का कोई बड़ा पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) फिलहाल सक्रिय नहीं है, जिस कारण आसमान पूरी तरह से साफ रहेगा।

हालांकि, पर्वतीय क्षेत्रों में 4 मार्च के बाद से हल्की गतिविधियों की संभावना जताई गई है, लेकिन आज, यानी 1 मार्च को वहां भी मौसम काफी हद तक स्थिर रहने की उम्मीद है।

तेज हवाओं की चेतावनी

गर्मी के साथ-साथ एक और चीज जो आज उत्तर भारत में महसूस की जाएगी, वह है हवाओं की गति। विभाग ने पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 15 से 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई है। यह हवाएं हालांकि गर्मी को थोड़ा कम करने में मदद कर सकती हैं, लेकिन साथ ही अपने साथ धूल भी उड़ा सकती हैं। इसलिए बाहर निकलते समय आंखों और सेहत का ध्यान रखना जरूरी है।

किसानों और स्वास्थ्य के लिए सलाह

मौसम में आ रहे इस बदलाव का सीधा असर कृषि पर भी पड़ता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि तापमान में अचानक वृद्धि रबी की फसलों (जैसे गेहूं) के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है। वहीं, आम जनता के लिए सलाह है कि दोपहर की सीधी धूप से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। चूंकि तापमान सामान्य से अधिक है, इसलिए हाइड्रेशन पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।

आने वाला समय

संक्षेप में कहें तो, उत्तर भारत में मार्च की शुरुआत गर्मी के साथ हो रही है। इस साल फरवरी में भी बहुत अधिक ठंड नहीं पड़ी थी, और मार्च की शुरुआत में तापमान का यह उछाल संकेत देता है कि हमें इस साल एक लंबी और गर्म गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। आने वाले सप्ताह में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना है।

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