मुंबई में आज वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 164 के साथ 'खराब' श्रेणी में दर्ज किया गया, जिससे स्वास्थ्य संकट गहरा गया है। 9 जनवरी 2026 को शहर का अधिकतम तापमान 28°C रहने का अनुमान है। शुष्क हवाओं और PM 2.5 के बढ़ते स्तर के बीच प्रशासन ने नागरिकों को मास्क लगाने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। जानिए मुंबई के साप्ताहिक मौसम और प्रदूषण का पूरा विवरण।

Mumbai air quality index today : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई इस समय एक दोहरी चुनौती का सामना कर रही है, जहां एक ओर तापमान में असामान्य स्थिरता बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर शहर की आबोहवा 'जहरीली' श्रेणी में पहुंच गई है। समुद्र तट पर स्थित होने के कारण मुंबई की भौगोलिक स्थिति (19.076° N, 72.8777° E) आमतौर पर इसे तापमान के चरम से बचाती है, लेकिन आज की सुबह शहरवासियों के लिए भारीपन लेकर आई है। शुक्रवार, 9 जनवरी को शहर का पारा 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दिन का अधिकतम तापमान 28 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। सुबह 07:13 बजे हुए सूर्योदय के साथ ही आसमान में धुंध की एक मोटी परत देखी गई, जो शाम 06:16 बजे सूर्यास्त तक शहर को अपनी आगोश में लिए रहेगी।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हवा में नमी का स्तर गिरकर मात्र 28 प्रतिशत रह गया है, जबकि वायुमंडलीय दबाव 1017 मिलीबार पर स्थिर है। यह शुष्कता और स्थिर हवाएं शहर की वायु गुणवत्ता को सीधे तौर पर प्रभावित कर रही हैं। आज मुंबई का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 164 के चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है, जिसे आधिकारिक तौर पर 'खराब' (Poor) श्रेणी में रखा जाता है। इसमें सबसे डरावना आंकड़ा PM 2.5 का है, जो 164 पर बना हुआ है, जबकि PM 10 का स्तर 97 दर्ज किया गया है। यह सूक्ष्म कण फेफड़ों के लिए अत्यंत घातक माने जाते हैं, जो सर्दी के इस मौसम में स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं को बढ़ा सकते हैं।

साप्ताहिक पूर्वानुमान पर नजर डालें तो आने वाले सात दिनों तक राहत के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। न्यूनतम तापमान लगातार 22 से 24 डिग्री के बीच बने रहने की संभावना है, जो जनवरी के लिहाज से काफी गर्म माना जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और आधिकारिक निकायों ने नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को सुबह की सैर से बचने और बाहर निकलते समय मास्क का अनिवार्य उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। मुंबई की यह गिरती वायु गुणवत्ता केवल एक मौसमी बदलाव नहीं, बल्कि एक शहरी संकट की ओर इशारा कर रही है, जहां विकास और पर्यावरण के बीच का संतुलन बिगड़ता नजर आ रहा है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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