बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती हलचल और उत्तर भारत में बर्फबारी का अलर्ट; मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
बंगाल की खाड़ी में उठे 'गहरे दबाव' ने चक्रवात का खतरा पैदा कर दिया है, जिससे दक्षिण भारत में हाई-अलर्ट जारी है। वहीं उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बर्फबारी और कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया है। जानिए दिल्ली, मुंबई और कोलकाता समेत देश के बड़े शहरों के मौसम का ताजा हाल और आईएमडी (IMD) की चेतावनी की पूरी जानकारी।

Weather Update : नए साल के दूसरे सप्ताह में प्रवेश करते ही भारत के मौसम तंत्र में एक साथ दो बड़ी हलचलें शुरू हो गई हैं। एक ओर जहां उत्तर भारत भीषण ठंड और कोहरे की चपेट में है, वहीं दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना एक 'गहरा दबाव' (Deep Depression) अब एक संभावित चक्रवाती खतरे में तब्दील होता नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के ऊपर बना यह दबाव क्षेत्र काफी सक्रिय है, जो आने वाले दिनों में तटीय क्षेत्रों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
देश की राजधानी नई दिल्ली में आज सुबह तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जहां हवा की गति शांत होने के बावजूद 70 प्रतिशत आर्द्रता ने सिहरन बढ़ा दी है। हिमालयी क्षेत्रों में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले 48 घंटों के भीतर हल्की से मध्यम बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई गई है, जिसका सीधा असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ेगा। मौसम विभाग ने विस्तृत पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि 20 जनवरी तक देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के तेवर तल्ख बने रहेंगे। विशेष रूप से दक्षिण भारत के समुद्री तटों पर इस गहरे दबाव के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
देश के अन्य महानगरों की स्थिति पर गौर करें तो मुंबई में पारा 28.8 डिग्री सेल्सियस के साथ अपेक्षाकृत गर्म बना हुआ है, जबकि पुणे और अहमदाबाद में उत्तरी हवाओं के कारण सुबह के वक्त ठंड महसूस की जा रही है। मौसम विभाग की 'कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल' (CAP) प्रणाली के माध्यम से सभी संवेदनशील जिलों को चेतावनी भेज दी गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, चक्रवात के मार्ग और उसकी तीव्रता पर लगातार सैटेलाइट और रडार के जरिए नजर रखी जा रही है।
इस मौसम परिवर्तन का असर न केवल आम जनजीवन पर बल्कि कृषि और पर्यटन क्षेत्र पर भी पड़ने की आशंका है। सरकार ने विशेष रूप से दक्षिण-पश्चिम तटवर्ती राज्यों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के इस दौर में जनवरी के महीने में बंगाल की खाड़ी में इस तरह की हलचल एक गंभीर संकेत है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आने वाले कुछ दिन यह स्पष्ट करेंगे कि यह दबाव चक्रवात का रूप लेकर किस तट से टकराएगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
