नोएडा में शीतलहर के कारण प्रशासन ने 10 जनवरी तक सभी स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया है। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने अभिभावकों और स्कूलों को ऑनलाइन शिक्षा विकल्प अपनाने की सलाह दी है।

नोएडा में ठंड और शीतलहर के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अधिकारियों ने 10 जनवरी तक सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। यह कदम बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, क्योंकि सुबह के समय तापमान काफी नीचे गिरने की संभावना जताई जा रही है।

प्रशासन के अनुसार, इस दौरान न केवल शहरी बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूल भी इस आदेश के दायरे में शामिल होंगे। शिक्षा अधिकारियों ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे बच्चों और स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश दें और इस अवधि में ऑनलाइन या वैकल्पिक शिक्षा विकल्पों को सुनिश्चित करें।

स्थानीय प्रशासन ने कहा कि यह निर्णय मौसम विज्ञान विभाग और स्वास्थ्य विभाग की सलाह के बाद लिया गया है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में नोएडा और आसपास के इलाकों में सर्द हवाओं के साथ तापमान में गिरावट और कोहरा भी रहने की संभावना है। ऐसे में बच्चों को लंबे समय तक ठंड में बाहर रहने से बचाना प्रशासन की प्राथमिकता बनी हुई है।

माता-पिता और स्कूल प्रशासन के बीच इस आदेश को लेकर तेजी से संवाद शुरू हो गया है। कई अभिभावक बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से इस कदम की सराहना कर रहे हैं। वहीं, कुछ अभिभावक चिंता व्यक्त कर रहे हैं कि लंबे समय तक स्कूल बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। अधिकारियों ने इस चिंता को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को ऑनलाइन क्लासेस और होम असाइनमेंट के माध्यम से पढ़ाई जारी रखने की सलाह दी है।

नोएडा प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूलों को बंद करने का यह आदेश केवल 10 जनवरी तक है और इसके बाद मौसम के अनुकूल होने पर स्कूल सामान्य रूप से खुल जाएंगे। साथ ही, स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि ठंड में बच्चे और बुजुर्ग विशेष रूप से सुरक्षित रहें, गर्म कपड़े पहनें और ठंडी हवा में लंबे समय तक बाहर न रहें।

शहर में इस ठंड के मौसम के कारण सड़क पर ट्रैफिक और सार्वजनिक जीवन पर भी असर पड़ा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुबह और रात के समय सड़कें कोहरे और कम दृश्यता के कारण प्रभावित हो रही हैं। प्रशासन ने वाहन चालकों को सतर्क रहने और धीमी गति से वाहन चलाने की चेतावनी दी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह ठंड और शीतलहर का दौर जनवरी के मध्य तक जारी रह सकता है। ऐसे में स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद रखना एक सुरक्षित और जिम्मेदार फैसला माना जा रहा है। शिक्षा विभाग का कहना है कि बच्चों की सेहत सबसे महत्वपूर्ण है और वे सुनिश्चित करेंगे कि पढ़ाई के नुकसान को कम करने के लिए सभी विकल्प अपनाए जाएँ।

इस आदेश से नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए अगले कुछ दिनों की योजना प्रभावित होगी। लेकिन प्रशासन का यह कदम बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अंततः, नोएडा में स्कूलों का 10 जनवरी तक बंद रहना शीतलहर के असर को देखते हुए उठाया गया एक सावधान और जिम्मेदार कदम है। प्रशासन का यह संदेश स्पष्ट है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोपरि है, और मौसम अनुकूल होने पर स्कूलों को सामान्य रूप से खोला जाएगा।

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