शीतलहर का 'डेथ वॉर': पहाड़ों से उतरी बर्फीली हवाओं ने थामी दिल्ली-NCR की सांसें, 29 शहरों में 'जीरो विजिबिलिटी' का संकट
उत्तर भारत में भीषण शीतलहर और घने कोहरे का कहर जारी है। दिल्ली, यूपी, पंजाब सहित 29 शहर प्रभावित हैं। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है, जिससे जनजीवन, यातायात और स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।

उत्तर भारत में सर्दी ने एक बार फिर अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग की ताज़ा चेतावनी के अनुसार, कई राज्यों में भीषण शीतलहर और घने कोहरे का प्रकोप तेज़ हो गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और बिहार सहित कुल 29 शहर इस मौसमीय संकट की चपेट में बताए जा रहे हैं। ठंड और कोहरे के इस दोहरे असर ने न केवल आम लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है, बल्कि परिवहन और स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताएँ भी बढ़ा दी हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत में न्यूनतम तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे दर्ज किया जा रहा है। कई इलाकों में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिससे शीतलहर की स्थिति बन गई है। ठंडी हवाओं के साथ-साथ घना कोहरा दृश्यता को बेहद कम कर रहा है। सुबह और देर रात के समय दृश्यता कुछ स्थानों पर 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर सीधा असर पड़ा है।
दिल्ली-एनसीआर में कोहरे और ठंड का असर सबसे अधिक देखा जा रहा है। राजधानी में कई दिनों से सूरज के दर्शन नहीं हो पाए हैं, जिससे दिनभर सर्द हवाओं और कंपकंपाती ठंड का माहौल बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों में शीतलहर के कारण खेतों में काम करने वाले किसानों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे और हवाई सेवाएँ भी इस मौसमीय स्थिति से प्रभावित हुई हैं। घने कोहरे के कारण कई ट्रेनों के परिचालन में देरी दर्ज की गई है, जबकि कुछ उड़ानों को भी विलंब या मार्ग परिवर्तन का सामना करना पड़ा है। यात्रियों को लंबा इंतज़ार करना पड़ रहा है और कई स्थानों पर ट्रैफ़िक जाम की स्थिति बन गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अत्यधिक आवश्यक होने पर ही यात्रा करें और कोहरे में वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
स्वास्थ्य के लिहाज़ से भी यह मौसम चिंता का विषय बन गया है। ठंड और कोहरे के कारण सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। विशेष रूप से बुज़ुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह स्थिति अधिक जोखिम भरी मानी जा रही है। डॉक्टरों ने गर्म कपड़े पहनने, गर्म तरल पदार्थ लेने और सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राहत के आसार कम बताए हैं। पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में शीतलहर और घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश या पश्चिमी विक्षोभ के असर से ठंड और बढ़ने की संभावना भी जताई गई है। प्रशासन ने राज्य और ज़िला स्तर पर अलर्ट जारी करते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
इस बीच, स्कूलों के समय में बदलाव और कुछ स्थानों पर छुट्टियों की घोषणा पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि बच्चों को ठंड से बचाया जा सके। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने रैन बसेरों की व्यवस्था बढ़ाने और ज़रूरतमंद लोगों को कंबल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
कुल मिलाकर, उत्तर भारत में जारी यह भीषण शीतलहर और घना कोहरा एक बड़ी मौसमी चुनौती बनकर सामने आया है। जब तक मौसम में बदलाव नहीं होता, तब तक सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। यह स्थिति एक बार फिर याद दिलाती है कि बदलते मौसम के साथ तालमेल बिठाना और समय पर तैयारियाँ करना कितना ज़रूरी है।

