दिल्ली में ब्लिंकिट की 10 मिनट प्रिंटआउट सर्विस ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। यूजर गौरी गुप्ता ने वीज़ा इंटरव्यू से पहले अपने दस्तावेज़ 15 मिनट में प्रिंट करवाने का अनुभव साझा किया। इस घटना ने भारतीय क्विक कॉमर्स मॉडल की दक्षता और तेजी को प्रदर्शित किया।

Blinkit 10 minute delivery experience : आजकल की तेज़ रफ्तार जिंदगी में फास्ट डिलीवरी एप्स लोगों की दैनिक जरूरतों का अहम हिस्सा बन गए हैं। इनकी मदद से जरूरी सामान, कपड़े और दस्तावेज़ मिनटों में घर तक पहुंचते हैं। इसी श्रेणी की सर्विस देने वाली कंपनी ब्लिंकिट ने हाल ही में अपनी 15 मिनट में प्रिंटआउट सुविधा लॉन्च की, जिसने सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर ली हैं।

दिल्ली की इंस्टाग्राम यूजर गौरी गुप्ता (@gauri_Gupta) ने हाल ही में इस सर्विस का अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा किया। गौरी ने बताया कि वह यूएस एम्बेसी में वीज़ा इंटरव्यू के लिए खड़ी थीं और अचानक महसूस किया कि उनके कुछ अहम दस्तावेज़ का प्रिंटआउट अभी तक नहीं हुआ है। समय की कमी के कारण वह बाहर जाकर किसी प्रिंटिंग शॉप तक नहीं जा सकती थीं। इस दौरान एक सुरक्षा गार्ड ने उन्हें ब्लिंकिट का सुझाव दिया।

ब्लिंकिट के माध्यम से गौरी ने अपने दस्तावेज़ अपलोड किए और 15 मिनट के भीतर उन्हें सभी दस्तावेज़ प्रिंट होकर मिल गए। इस त्वरित सेवा के कारण उनका इंटरव्यू बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुआ।

गौरी के पोस्ट के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई उपयोगकर्ताओं ने ब्लिंकिट की तेज़ डिलीवरी की सराहना की। कई लोगों ने लिखा कि भारत का क्विक कॉमर्स मॉडल विश्व स्तर पर तेज़ और प्रभावशाली है, और यहां तक कि सब्जी और दस्तावेज़ दोनों को इतनी तेजी से डिलीवर किया जा सकता है। इस अनुभव ने भारतीय ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स सेक्टर की क्षमता को भी उजागर किया।

ब्लिंकिट जैसी फास्ट सर्विसेज ने न केवल उपभोक्ताओं के जीवन को आसान बनाया है, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री की महत्वाकांक्षी दिशा को भी स्पष्ट किया है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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