झारखंड के जमशेदपुर का पिंटू, जिसे सोशल मीडिया पर ‘धूम’ कहा जाता है, अपने अंदाज़ और पुराने बॉलीवुड गाने की लाइन “कृष का गाना सुनेगा… दिल ना दिया, ले बेटा” से वायरल हुआ। कठिन पारिवारिक हालात और कच्ची प्रतिभा के बीच उसकी कहानी सोशल मीडिया पर ध्यान आकर्षित कर रही है।

झारखंड के जमशेदपुर से एक वीडियो सोशल मीडिया पर धमाल मचा रहा है। पिंटू, जिसे इंटरनेट पर प्यार से ‘धूम’ कहा जा रहा है, अपने अंदाज़ और कच्ची प्रतिभा के चलते वायरल हो गया है। रील्स, शॉर्ट्स और मीम्स के माध्यम से पिंटू का वीडियो हर प्लेटफॉर्म पर दिखाई दे रहा है और दर्शक जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर यह व्यक्ति कौन है।

पिंटू के वायरल होने की मुख्य वजह एक वीडियो है, जिसमें वह बड़े आत्मविश्वास के साथ पुराने बॉलीवुड गाने की लाइन बोलता है: “कृष का गाना सुनेगा… दिल ना दिया, ले बेटा।” इसी अंदाज़ ने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी।

पिंटू की सादगी, आत्मविश्वास और कच्ची लेकिन प्रभावशाली आवाज़ ने दर्शकों का ध्यान खींचा। कोई बड़ी ट्रेनिंग या मंचीय अनुभव नहीं, केवल जन्मजात प्रतिभा। यही कारण है कि लोगों ने उसे तुरंत अपनाया और सोशल मीडिया पर उसकी लोकप्रियता बढ़ी।



हालांकि वायरल होने के बाद, पिंटू के जीवन की वास्तविक चुनौतियाँ भी सामने आईं। वीडियो में उसने अपने पारिवारिक हालात का जिक्र किया — उसकी माँ भाग गई हैं और पिता लाला का निधन हो गया थे। सौतेली मां उसे खाना नही देती। और चाचा-चाची है उनमें से चाचा कभी कभी हालचाल लेते रहते है। वर्तमान में पिंटू कूड़ा बीनने का काम करता है और उसका जीवन कठिन परिस्थितियों में व्यतीत हो रहा है। सोशल मीडिया पर फेम पाने के बावजूद उसे मेडिकल और सामाजिक मदद की आवश्यकता है। इसके बावजूद, दर्शक उसकी रॉ टैलेंट की सराहना कर रहे हैं।

सोशल मीडिया वीडियो में पिंटू अपने बारे में भावुक बातें भी करता है, जिससे दर्शक उसकी जिंदगी से जुड़ रहे हैं। एक वीडियो में पिंटू ने अपनी उम्र लगभग 32 वर्ष बताई, जो उसके अंदाज़ और आवाज़ से कम उम्र का प्रतीत होता था, और दर्शक इस तथ्य से हैरान हैं।

जमशेदपुर से आए इस वायरल वीडियो ने केवल मनोरंजन नहीं किया, बल्कि समाज की उन चुनौतियों को भी उजागर किया, जिनका सामना कई प्रतिभाशाली लोग अपने जीवन में करते हैं। पिंटू की कहानी यह दिखाती है कि सोशल मीडिया की दुनिया में अचानक प्रसिद्धि मिलने से जीवन में बदलाव तो आ सकता है, लेकिन वास्तविक समर्थन और मदद अत्यंत आवश्यक है।

इस वायरल घटना ने यह भी सोचने पर मजबूर किया कि कितने लोग हमारे आस-पास ‘धूम’ की तरह छिपी प्रतिभा रखते हैं, जिन्हें समाज की नजरें केवल तभी मिलती हैं जब वे वायरल हो जाते हैं।

Updated On 29 Dec 2025 11:40 AM IST
Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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