सेल्फी के नाम पर 'टॉर्चर'! मुंबई में विदेशी महिला पीछे 'हाथ धोकर' पड़े मनचले...
मुंबई में पुर्तगाली ट्रैवल व्लॉगर इनेस फारिया के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। जबरन फोटो और सेल्फी के लिए मनचलों ने विदेशी महिला का पीछा कर उन्हें बुरी तरह परेशान किया। इनेस ने वीडियो साझा कर भारत यात्रा के दौरान हुए इस डरावने अनुभव को बयां किया है। जानिए कैसे मुंबई की सड़कों पर सुरक्षा और शालीनता की धज्जियां उड़ीं और इस घटना का पर्यटन पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।

मुंबई। भारत की सांस्कृतिक विविधता और मेहमाननवाजी अक्सर विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करती है, लेकिन हाल ही में मायानगरी मुंबई से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सुरक्षा और 'अतिथि देवो भव:' की परंपरा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुर्तगाली मूल की मशहूर ट्रैवल व्लॉगर इनेस फारिया, जो इन दिनों भारत भ्रमण पर हैं, एक डरावने अनुभव का शिकार हुईं। इनेस ने एक वीडियो साझा कर बताया कि कैसे मुंबई की सड़कों पर कुछ मनचलों ने सेल्फी लेने के बहाने उनका पीछा किया और उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से असहज कर दिया।
इनेस फारिया पिछले दो महीनों से भारत के विभिन्न हिस्सों की यात्रा कर रही थीं और अब तक का उनका अनुभव काफी सुखद रहा था। हालांकि, मुंबई में हुई इस घटना ने उन्हें झकझोर कर रख दिया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि इनेस के मना करने के बावजूद कुछ युवक हाथ धोकर उनके पीछे पड़ गए। वे न केवल लगातार उनके करीब आने की कोशिश कर रहे थे, बल्कि बार-बार फोटो खिंचवाने का दबाव भी बना रहे थे। इनेस ने वीडियो में अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए बताया कि उन्होंने कई बार स्पष्ट रूप से 'ना' कहा, लेकिन उन युवकों पर इसका कोई असर नहीं हुआ और वे लगातार उनका पीछा करते रहे।
यह घटना सार्वजनिक स्थलों पर महिला सुरक्षा और पर्यटकों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार की बढ़ती प्रवृति को दर्शाती है। हालांकि इस मामले में अब तक किसी औपचारिक गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर उचित कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। साइबर जगत में भी इस व्यवहार की कड़ी निंदा की जा रही है, जहां लोग इसे पर्यटन उद्योग और देश की छवि के लिए घातक बता रहे हैं। विदेशी सैलानियों के साथ इस तरह का बर्ताव न केवल उन्हें डराता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सुरक्षा व्यवस्था पर भी दाग लगाता है।
इनेस फारिया का यह दुखद अनुभव एक चेतावनी है कि पर्यटन स्थलों पर केवल बुनियादी ढांचा सुधारना ही काफी नहीं है, बल्कि आगंतुकों के लिए एक सुरक्षित और गरिमापूर्ण वातावरण सुनिश्चित करना भी अनिवार्य है। इस तरह की घटनाएं भविष्य में विदेशी पर्यटकों के आवागमन को प्रभावित कर सकती हैं। यह समय है कि सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जाए और ऐसे मनचलों के खिलाफ सख्त कानूनी उदाहरण पेश किए जाएं, ताकि भारत की धरती पर कदम रखने वाला हर पर्यटक खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
