सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक चौंकाने वाले वीडियो में 'लकवाग्रस्त' होने का नाटक कर रहे एक ठग भिखारी का पर्दाफाश हुआ है। भीख मिलते ही स्वस्थ होकर हंसने वाले इस शख्स ने मानवीय संवेदनाओं के साथ क्रूर मजाक किया है। सड़कों पर चल रहे इस बड़े धोखाधड़ी के खेल और इसके सामाजिक प्रभाव पर आधारित हमारी विस्तृत रिपोर्ट पढ़ें।

मानवता और सहानुभूति की आड़ में धोखेधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो ने उस काले सच से पर्दा उठाया है, जहाँ लाचारी का मुखौटा पहनकर लोगों की संवेदनाओं का शिकार किया जा रहा है। वीडियो में दिख रहा एक शख्स, जो अब तक खुद को 'लकवाग्रस्त' बताकर सड़कों पर भीख मांग रहा था, पैसे मिलते ही न केवल पूरी तरह स्वस्थ नजर आया, बल्कि अपनी चालाकी पर ठहाके लगाता भी देखा गया।

घटना की शुरुआत तब होती है जब यह तथाकथित दिव्यांग व्यक्ति सड़क किनारे दयनीय स्थिति में बैठा दिखाई देता है। उसके शरीर की बनावट और हाव-भाव देखकर राहगीरों का दिल पसीज जाता है और लोग मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाते हैं। हालांकि, इस दृश्य के पीछे छिपी सच्चाई को एक सतर्क नागरिक ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। जैसे ही इस 'ठग' भिखारी की झोली में पर्याप्त पैसे आए, उसके शरीर की कथित जकड़न गायब हो गई। वह शख्स न केवल सामान्य रूप से चलने लगा, बल्कि कैमरामैन की मौजूदगी से बेखबर होकर अपनी 'सफलता' पर हंसने लगा।

इस वीडियो ने सार्वजनिक स्थलों पर सक्रिय भिक्षावृत्ति रैकेट और 'प्रोफेशनल' भिखारियों के तौर-तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शारीरिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ होने के बावजूद दिव्यांगता का स्वांग रचना न केवल नैतिक रूप से पतन का संकेत है, बल्कि यह उन वास्तविक जरूरतमंदों के हक पर भी डाका है जो सच में समाज की सहायता के पात्र हैं। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने इस व्यवहार की घोर निंदा करते हुए समाज को जागरूक रहने का संदेश दिया है।

हालांकि, वर्तमान में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वीडियो किस शहर या राज्य का है, लेकिन इसकी गंभीरता को देखते हुए इंटरनेट पर लोग स्थानीय प्रशासन और पुलिस से ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस तरह की घटनाएं समाज में विश्वास की कमी पैदा करती हैं, जिससे अक्सर लोग वास्तविक पीड़ितों की मदद करने से भी कतराने लगते हैं। यह वायरल क्लिप एक चेतावनी है कि दान देते समय सतर्कता उतनी ही जरूरी है जितनी कि दया।

Updated On 27 Feb 2026 3:57 PM IST
Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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