उत्तर प्रदेश में 2026 की सर्दियों में घना कोहरा और कड़ाके की ठंड जारी रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार जनवरी और फरवरी में दृश्यता घटने, ठंड बढ़ने और परिवहन प्रभावित होने की चेतावनी जारी है, जिससे जनजीवन और स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।

उत्तर प्रदेश में सर्दियों का आगमन हमेशा से ही ठंड और कोहरे के चलते जनजीवन पर असर डालता रहा है, लेकिन 2025 के अंतिम महीनों में मौसम ने जिस तीव्रता के साथ अपने स्वरूप को पेश किया है, उसने विशेषज्ञों और नागरिकों दोनों को सतर्क कर दिया है। राजधानी लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, आजमगढ़, बदायूं और बरेली सहित कई जिलों में घना कोहरा और कड़ाके की ठंड ने सड़कें, रेल मार्ग और हवाई यात्रा प्रभावित कर दी है।

सर्दियों की इस विशेष स्थिति में दिन के तापमान सामान्य से काफी कम रहे हैं, अधिकतम तापमान कई क्षेत्रों में 12 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच सीमित है, जबकि न्यूनतम तापमान 7–10 डिग्री सेल्सियस या उससे भी कम दर्ज किया गया। सुबह और देर शाम के समय कोहरे की घनता इतनी अधिक हो जाती है कि दृश्यता कई स्थानों पर लगभग शून्य के करीब हो जाती है। इस मौसम का सबसे बड़ा असर परिवहन व्यवस्था पर पड़ रहा है, जहां सड़क हादसों की आशंका बढ़ गई है और रेल व हवाई सेवाओं में देरी की स्थिति बनी रहती है।

मौसम विभाग की रिपोर्ट और विशेषज्ञों की भविष्यवाणी के अनुसार, 2026 के शुरुआती महीनों में उत्तर प्रदेश में इस तरह के मौसम की स्थिति जारी रह सकती है। घने कोहरे और ठंड की स्थिति विशेषकर जनवरी और फरवरी में अधिक तीव्र रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तरी और पश्चिमी हवाओं के साथ नमी की उच्चता और रात के तापमान में गिरावट इस स्थिति को और बनाए रखेगी।

राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने इस स्थिति को देखते हुए सतर्कता बरती है। यातायात नियमों को और सख्त किया गया है, विशेषकर राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़क मार्गों पर वाहन चालकों को धीमी गति अपनाने की सलाह दी गई है। स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने वाले लोगों के लिए भी विशेष चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने अग्रिम चेतावनी (Orange Alert) जारी की है, ताकि नागरिक सुबह और रात के समय अनावश्यक यात्रा से बच सकें और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाव किया जा सके।

विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि ठंड और कोहरे का यह दौर केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में लोगों के जीवन और दैनिक गतिविधियों पर प्रभाव डाल सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोग इस मौसम में विशेष रूप से संवेदनशील होते हैं और उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में 2026 की शुरुआती सर्दियों में कोहरे और ठंड का प्रभाव बना रहने की पूरी संभावना है। यह स्थिति न केवल मौसम की गंभीरता को दर्शाती है, बल्कि लोगों और प्रशासन दोनों के लिए तैयारी और सतर्कता की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे इस मौसम के अनुरूप अपनी दिनचर्या, यात्रा और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों को अनिवार्य रूप से अपनाएं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

Next Story