उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के ढीकवाहा प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। रसोइया द्वारा दूध में पानी मिलाने और प्रधानाध्यापिका के कक्षा में सोने का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों की सेहत से खिलवाड़ और बजट के दुरुपयोग की इस शर्मनाक घटना की पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

Mahoba Mid Day Meal Scam : उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से शिक्षा व्यवस्था और भ्रष्टाचार के गठजोड़ की एक ऐसी शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने सरकारी योजनाओं की शुचिता पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। 'प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण' (PM POSHAN) जैसी महत्वाकांक्षी योजना, जो देश के 12 करोड़ बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए बनाई गई थी, ज़मीनी स्तर पर लापरवाही और धांधली की भेंट चढ़ती नज़र आ रही है। जिले के ढीकवाहा स्थित प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को दिए जाने वाले दूध में भारी मिलावट और प्रधानाध्यापिका की संवेदनहीनता का मामला अब तूल पकड़ चुका है।

भ्रष्टाचार का लाइव वीडियो : जब रसोइया मिला रही थी पानी

13 फरवरी 2026 को सामने आए एक विचलित करने वाले वीडियो ने विद्यालय प्रशासन की पोल खोल दी। ढीकवाहा प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के लिए आए दूध में रसोइया छवी रानी सरेआम बाल्टियों से पानी मिलाती कैमरे में कैद हुई। चौंकाने वाली बात यह है कि यह सब कुछ स्कूल की प्रधानाध्यापिका मोनिका सोनी की मौजूदगी में हो रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों को बिना उबाला गया और अत्यधिक पतला दूध परोसा जा रहा था, जो न केवल पोषणहीन है बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा भी पैदा कर सकता है। इतना ही नहीं, जब ग्रामीण स्कूल पहुंचे तो प्रधानाध्यापिका मोनिका सोनी कक्षा के भीतर सोती हुई पाई गईं, जो उनकी ड्यूटी के प्रति घोर लापरवाही को दर्शाता है।

ग्रामीणों का आक्रोश और बजट के दुरुपयोग का आरोप :

विद्यालय में चल रहे इस 'सफेद खेल' की भनक लगते ही अभिभावकों और स्थानीय निवासियों ने स्कूल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि सरकार की ओर से मिड-डे मील के लिए पर्याप्त बजट आवंटित किया जाता है, लेकिन विद्यालय प्रशासन निजी लाभ के लिए बच्चों के हक का दूध पानी में बदल रहा है। इस घटना ने एक बार फिर उन दावों की हवा निकाल दी है, जिनमें सरकारी स्कूलों में उच्च गुणवत्ता वाले भोजन और पारदर्शी व्यवस्था की बात कही जाती है।

घटना का मुख्य बिंदु

विवरण

मुख्य आरोपी

मोनिका सोनी (प्रधानाध्यापिका) एवं छवी रानी (रसोइया)

अनियमितता का प्रकार

दूध में अत्यधिक पानी की मिलावट और ड्यूटी के दौरान सोना

योजना का नाम

प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (PM POSHAN)

प्रशासनिक प्रतिक्रिया

कारण बताओ नोटिस (Show-cause Notice) जारी



प्रशासनिक कार्रवाई और कानूनी पहलू :

मामला गरमाता देख जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग हरकत में आया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) राहुल मिश्रा ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए प्रधानाध्यापिका मोनिका सोनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि बजट के दुरुपयोग और कर्तव्यों के प्रति लापरवाही के आरोपों की गहन जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर निलंबन और कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात भी कही गई है। कानूनी रूप से, बच्चों के पोषण के साथ खिलवाड़ करना भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और सेवा नियमावली के उल्लंघन के अंतर्गत आता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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