लखनऊ में FSDA की बड़ी कार्रवाई: हल्दीराम के गोदाम से 112 किलो एक्सपायर्ड सोनपापड़ी और राजभोग बरामद कर नष्ट किया गया। होली से पहले प्रशासन ने शहर में 55.91 लाख रुपये का मिलावटी सामान सीज किया है। बड़े ब्रांड की इस लापरवाही ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में त्योहारों की आहट के बीच मिलावटखोरों और लापरवाही बरतने वाले बड़े ब्रांड्स के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जब आम जनता होली के उल्लास में डूबने की तैयारी कर रही है, तब शहर के प्रतिष्ठित ब्रांड 'हल्दीराम' के गोदाम से निकले कड़वे सच ने सबको हैरत में डाल दिया है। फैजुल्लागंज के मोहिबुल्लापुर स्थित हल्दीराम के मुख्य वेयरहाउस में जब अधिकारियों की टीम ने औचक छापेमारी की, तो वहां का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। ब्रांड की साख के पीछे छिपी इस बड़ी लापरवाही का खुलासा तब हुआ जब गोदाम की रैक में भारी मात्रा में एक्सपायर्ड 'सोनपापड़ी' और 'राजभोग' के डिब्बे बरामद किए गए।

FSDA की टीम ने बारीकी से जांच करने पर पाया कि लगभग 112 किलोग्राम मिठाइयां अपनी उपभोग की समय सीमा (Expiry Date) पूरी तरह से पार कर चुकी थीं, लेकिन फिर भी इन्हें बाजार में भेजने या स्टॉक में रखने की तैयारी थी। जब्त किए गए इस स्टॉक की बाजार में कीमत लगभग 45 हजार रुपये आंकी गई है। जनता के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार के खिलवाड़ की आशंका को देखते हुए, अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर ही पूरे 112 किलो माल को नष्ट करवा दिया। यह कार्रवाई केवल एक ब्रांड तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि प्रशासन के रडार पर शहर के कई अन्य कोल्ड स्टोरेज और ठिकाने भी रहे। इस व्यापक अभियान के दौरान विभाग ने विभिन्न स्थानों से काली मिर्च, खोया और अन्य मिलावटी खाद्य सामग्री समेत कुल 55.91 लाख रुपये का अवैध स्टॉक सीज किया है।

कानूनी दृष्टिकोण से यह मामला बेहद गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इतने बड़े स्तर पर संचालित होने वाले ब्रांड के मानक प्रक्रिया (SOP) में इतनी बड़ी चूक सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य के लिए खतरा है। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित पक्षों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सोशल मीडिया पर अक्सर मजाक का विषय बनने वाली 'सोनपापड़ी' इस बार हकीकत में उपभोक्ताओं के लिए डर का कारण बन गई है। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश साफ कर दिया है कि ब्रांड चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून और सुरक्षा मानकों से ऊपर कोई नहीं है। त्योहारों के सीजन में यह छापेमारी आम उपभोक्ताओं के लिए एक चेतावनी भी है कि वे किसी भी पैकेट को खरीदने से पहले उसकी निर्माण और समाप्ति तिथि की जांच अनिवार्य रूप से करें।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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