लखनऊ के राष्‍ट्रीय प्रेरणा स्थल पर प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के तुरंत बाद नागरिकों द्वारा फूलों के गमलों की चोरी का मामला सामने आया। यह घटना सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और नागरिक जिम्मेदारी पर सवाल उठाती है, प्रशासन ने जांच और सुरक्षा उपाय तेज कर दिए हैं।

लखनऊ के राष्‍ट्रीय प्रेरणा स्थल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया यात्रा के बाद शहर में एक अजीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया। आयोजन स्थल पर रखे गए सजावटी फूलों के गमलों को कुछ नागरिकों ने समारोह खत्म होने के तुरंत बाद उठा लिया, जिसकी कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। यह घटना न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती बनी है, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और नागरिक जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर रही है।

राष्‍ट्रीय प्रेरणा स्थल पर यह गमले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में आयोजित नवोदित परिसर की सजावट और हरियाली का हिस्सा थे। आयोजन में हजारों गमले और पौधे लगाए गए थे, ताकि परिसर की शोभा बढ़ सके और आने वाले आगंतुकों को प्रेरणादायक दृश्य प्रस्तुत किया जा सके। लेकिन जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम समाप्त हुआ और वे शहर से रवाना हुए, कई लोग इन गमलों को दो-पहिया वाहन और पैदल ले जाते हुए देखे गए।

वायरल वीडियो में यह साफ नजर आ रहा है कि गमलों के साथ-साथ परिसर की अन्य सजावट और कुछ कटआउट भी उठाए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने इस घटना पर फौरन संज्ञान लिया और बचे हुए गमलों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया, ताकि और चोरी से बचा जा सके। इस प्रकार की घटनाओं ने शहर में सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और नागरिक जागरूकता के मुद्दे को दोबारा उभारा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की चोरी न केवल प्रशासन की मेहनत और सार्वजनिक संसाधनों की बर्बादी है, बल्कि शहरी संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी की कमी को भी दर्शाती है। अधिकारी अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई और जिम्मेदार नागरिकों के खिलाफ जांच करने की दिशा में विचार कर रहे हैं। स्थानीय पुलिस ने प्रारंभिक रिपोर्ट दर्ज कर ली है और वीडियो फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास जारी है।

इस पूरे मामले ने यह भी उजागर किया कि बड़े आयोजनों के दौरान सार्वजनिक स्थल और सजावट की सुरक्षा पर अधिक सतर्कता और निगरानी की आवश्यकता है। प्रशासन और नागरिकों के बीच सहयोग और जागरूकता ही ऐसी घटनाओं को रोकने का एकमात्र तरीका हो सकता है।

लखनऊ की यह घटना न केवल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि यह सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा, नागरिक जिम्मेदारी और सामाजिक जागरूकता पर महत्वपूर्ण संदेश भी देती है। ऐसे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि शहरों में सजावटी और सांस्कृतिक संपत्ति की सुरक्षा पर और अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि इतिहास और विरासत के महत्व को सुरक्षित रखा जा सके।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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