प्रयागराज में परीक्षा रद्द! अचानक आए इस बड़े फैसले से लाखों अभ्यर्थियों के उड़े होश; जानें असली वजह
माघ मेले के चलते प्रयागराज में 17 और 18 जनवरी की एलटी ग्रेड (सहायक अध्यापक) भर्ती परीक्षा रद्द कर दी गई है। यूपी लोक सेवा आयोग ने इसे प्रदेश के अन्य 26 जिलों में कराने का निर्णय लिया है। सामाजिक विज्ञान, जीव विज्ञान, अंग्रेजी और शारीरिक शिक्षा विषयों के एडमिट कार्ड जारी हो चुके हैं। ओएमआर शीट भरने के नए नियमों और परीक्षा केंद्र परिवर्तन की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

uppsc lt grade teacher exam postponed : प्रयागराज में संगम की रेती पर सजने वाले आस्था के सबसे बड़े समागम 'माघ मेला' ने शिक्षा जगत के कैलेंडर में एक बड़ा बदलाव ला दिया है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए आगामी 17 और 18 जनवरी को प्रस्तावित राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड (सहायक अध्यापक) भर्ती परीक्षा को प्रयागराज जनपद में आयोजित न कराने का फैसला किया है। मेले के दौरान उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के दबाव को देखते हुए लिया गया यह निर्णय उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए बेहद अहम है, जिन्होंने प्रयागराज को अपना परीक्षा केंद्र चुनने की उम्मीद लगा रखी थी। आयोग के इस कदम ने स्पष्ट कर दिया है कि जन सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना फिलहाल शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अनुसचिव ओंकारनाथ सिंह द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, यह परीक्षा प्रयागराज को छोड़कर प्रदेश के अन्य 26 निर्धारित जिलों में यथावत संपन्न कराई जाएगी। कार्यक्रम के अनुसार, 17 जनवरी को सामाजिक विज्ञान एवं जीव विज्ञान, जबकि 18 जनवरी को अंग्रेजी व शारीरिक शिक्षा विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए आयोग ने गुरुवार से ही आधिकारिक वेबसाइट पर प्रवेश पत्र उपलब्ध करा दिए हैं। प्रयागराज के अभ्यर्थियों को अब अन्य समीपवर्ती जिलों के केंद्रों पर जाकर परीक्षा देनी होगी, जिसके लिए उन्हें समय रहते अपने गंतव्य की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
परीक्षा की जटिल संरचना और ओएमआर (OMR) शीट भरने की विधि को लेकर भी आयोग ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विशेष रूप से 17 जनवरी को प्रथम सत्र में होने वाली सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा में अभ्यर्थियों को भूगोल, इतिहास, अर्थशास्त्र और नागरिक शास्त्र जैसे चार खंडों का विकल्प दिया गया है। प्रत्येक खंड में 60 प्रश्न समाहित हैं, जिनमें से अभ्यर्थियों को अपनी पसंद के किन्हीं दो खंडों को चुनकर हल करना होगा। ओएमआर आंसरशीट के प्रारूप को इस तरह तैयार किया गया है कि इसके प्रथम भाग में सामान्य अध्ययन के 30 प्रश्न होंगे, जबकि द्वितीय व तृतीय भाग में अभ्यर्थी द्वारा चुने गए वैकल्पिक विषयों के गोले भरने होंगे। आयोग ने आगाह किया है कि अभ्यर्थी जिस वैकल्पिक विषय का चयन करेंगे, उसी के सम्मुख बने गोले को सावधानीपूर्वक भरें, क्योंकि इसी चयन के आधार पर उनके उत्तरों का मूल्यांकन किया जाएगा।
आयोग का यह संवेदनशील और रणनीतिक निर्णय माघ मेले की महत्ता और परीक्षा की शुचिता के बीच एक संतुलन बनाने का प्रयास है। प्रयागराज जैसे बड़े केंद्र को सूची से बाहर करना निश्चित रूप से प्रशासनिक रूप से चुनौतीपूर्ण है, लेकिन संगम नगरी में उमड़ने वाले जनसैलाब के बीच शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न कराना और भी कठिन कार्य होता। अब सभी की निगाहें शेष 26 जिलों के केंद्रों पर टिकी हैं, जहाँ प्रशासन को सुचारू रूप से परीक्षा संपन्न कराने की चुनौती का सामना करना होगा। अभ्यर्थियों के लिए यह घड़ी केवल अपनी शैक्षणिक तैयारी को परखने की ही नहीं, बल्कि नई व्यवस्थाओं के साथ तालमेल बिठाकर अपनी सफलता सुनिश्चित करने की भी है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
