अलीगढ़ में 28 फरवरी 2026 को माउंट देव इंटरनेशनल स्कूल की बस का फर्श टूटने से UKG छात्रा अनन्या की चलती बस से गिरकर मौत हो गई। बस के पास फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट और बीमा नहीं होने के आरोप लगे हैं। घटना के बाद जनाक्रोश भड़का और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में 28 फरवरी 2026 का दिन एक ऐसे हादसे का गवाह बना, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। दादों क्षेत्र में स्थित माउंट देव इंटरनेशनल स्कूल की एक मासूम छात्रा की स्कूल बस से गिरकर हुई दर्दनाक मौत ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही की एक ऐसी परत को उजागर करती है, जो प्रशासनिक और संस्थागत जिम्मेदारियों पर सीधा प्रहार करती है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनन्या नाम की लगभग छह से आठ वर्ष की छात्रा यूकेजी कक्षा में पढ़ती थी। शनिवार दोपहर वह रोज की तरह स्कूल बस से अपने घर लौट रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, रास्ते में अचानक बस का फर्श टूट गया। बताया जा रहा है कि बस का ढांचा पहले से ही जर्जर स्थिति में था। जैसे ही फर्श का एक हिस्सा धंसा, अनन्या उसी छेद से नीचे सड़क पर जा गिरी। दुर्भाग्यवश, चलती बस का पिछला पहिया उसके ऊपर से गुजर गया।

घटना इतनी अचानक हुई कि बस में सवार अन्य बच्चे और चालक कुछ समझ पाते, उससे पहले ही सब कुछ समाप्त हो चुका था। आरोप है कि हादसे के बाद चालक ने घायल बच्ची को बस की सीट पर लिटा दिया और उसके पिता को सूचना दी। हालांकि, जब तक परिजन पहुंचे, तब तक अनन्या की मौत हो चुकी थी। इस घटनाक्रम ने न केवल परिवार बल्कि पूरे इलाके को गहरे शोक और आक्रोश में डुबो दिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस बस से यह हादसा हुआ, उसकी स्थिति लंबे समय से खराब थी। प्रारंभिक रिपोर्टों में सामने आया है कि बस के पास वैध फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट और बीमा जैसी अनिवार्य दस्तावेज भी नहीं थे। यदि ये तथ्य सत्य साबित होते हैं, तो यह केवल एक तकनीकी चूक नहीं बल्कि कानून और नियमों की खुली अनदेखी मानी जाएगी। स्कूल परिवहन व्यवस्था में इस प्रकार की अनियमितताएं बच्चों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ के समान हैं।

हादसे की सूचना मिलते ही क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने अलीगढ़-कासगंज मार्ग पर जाम लगा दिया और स्कूल प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।

पुलिस ने संबंधित बस को कब्जे में ले लिया है और स्कूल प्रबंधन तथा बस मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, बस की तकनीकी स्थिति, दस्तावेजों की वैधता और चालक की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। यदि लापरवाही प्रमाणित होती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।

यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या स्कूलों द्वारा बच्चों के परिवहन में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। नियमों के बावजूद यदि जर्जर वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं, तो यह निगरानी तंत्र की कमजोरी को दर्शाता है। मासूम अनन्या की असमय मृत्यु ने एक परिवार से उनकी खुशियां छीन लीं, लेकिन साथ ही यह समाज और प्रशासन के लिए चेतावनी भी है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता।

अलीगढ़ में हुआ यह हादसा अब एक कानूनी और सामाजिक विमर्श का विषय बन चुका है। जांच की दिशा और कार्रवाई के परिणाम ही तय करेंगे कि इस त्रासदी से भविष्य के लिए क्या सबक लिया जाता है। फिलहाल, एक मासूम की मौत ने पूरे प्रदेश को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सुरक्षा के दावों और जमीनी हकीकत के बीच की दूरी आखिर कब तक बनी रहेगी।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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