उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के सिरसौली गांव में वन्यजीव रेस्क्यू के दौरान वन अधिकारी शुभम प्रताप सिंह पर जंगली सूअर ने जानलेवा हमला कर दिया। करीब दो मिनट तक चले इस भीषण संघर्ष में टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद अधिकारी की जान बचाई। पढ़ें इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना की पूरी रिपोर्ट और जानें कैसे फर्ज की वेदी पर एक जांबाज ने मौत को मात दी।

बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में वन्यजीवों के रेस्क्यू के दौरान एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ फर्ज की राह पर निकले एक जांबाज अधिकारी की जान पर बन आई। सिरसौली गांव में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक आदमखोर की तरह व्यवहार कर रहे जंगली सूअर ने वन अधिकारी शुभम प्रताप सिंह पर हमला बोल दिया। यह महज एक दुर्घटना नहीं थी, बल्कि दो मिनट तक जमीन पर गिरे अधिकारी और मौत के बीच चला एक भीषण संघर्ष था, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों की रूह कांप गई।

घटना का सिलसिला तब शुरू हुआ जब वन विभाग की टीम को सिरसौली गांव में एक जंगली सूअर की मौजूदगी की सूचना मिली। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए वन अधिकारी शुभम प्रताप सिंह अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन का मोर्चा संभाला। टीम अभी रणनीति बना ही रही थी कि झाड़ियों में छिपे बैठे जंगली सूअर ने अचानक पूरी ताकत के साथ शुभम प्रताप सिंह पर हमला कर दिया। हमला इतना तीव्र और अप्रत्याशित था कि अधिकारी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और सूअर ने उन्हें जमीन पर पटक दिया।

इसके बाद जो मंजर दिखा, उसने सरकारी तंत्र और वन्यजीव संघर्ष की भयावहता को उजागर कर दिया। सूअर ने करीब दो मिनट तक शुभम प्रताप सिंह को जमीन पर दबोचे रखा और उन पर लगातार प्रहार करता रहा। मौके पर मौजूद अन्य वन कर्मियों में अचानक हुए इस हमले से अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार और दहशत के बीच, टीम के सदस्यों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। स्थिति की गंभीरता और अपने साथी की जान को खतरे में देख अन्य कर्मियों ने लाठियों और डंडों की मदद से सूअर को घेरकर उसे भगाने का प्रयास किया। काफी जद्दोजहद और साहसी प्रयासों के बाद आखिरकार अधिकारी को सूअर के चंगुल से छुड़ाया जा सका।



फिलहाल, इस घटना ने वन विभाग के कर्मियों की सुरक्षा और वन्यजीवों के साथ होने वाले इस प्रकार के हिंसक टकरावों पर एक गंभीर चर्चा छेड़ दी है। अधिकारी शुभम प्रताप सिंह को रेस्क्यू के बाद तत्काल प्राथमिक उपचार और सहायता उपलब्ध कराई गई है। यह घटना बदायूं के इस शांत क्षेत्र में एक मिसाल बन गई है कि कैसे वन्यजीवों की सुरक्षा और मानव जीवन के बीच का संतुलन अक्सर जोखिमों से भरा होता है। एक तरफ जहां वन विभाग के जांबाज अपनी जान जोखिम में डालकर ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, वहीं दूसरी ओर प्रकृति के इन बेजुबान और कभी-कभी हिंसक जीवों से निपटना उनके लिए अग्निपरीक्षा जैसा साबित होता है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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