यूपी में परीक्षा देकर लौट रही लड़कियों को छेड़ता था अरमान, तो पुलिस ने जुल्फों से पकड़कर सिखाया असली 'शिष्टाचार'।
उत्तर प्रदेश में छात्राओं से छेड़खानी करने वाले आरोपी अरमान खान को पुलिस ने बीच सड़क पर सिखाया सख्त सबक! परीक्षा केंद्र से लौट रही लड़कियों पर भद्दे कमेंट करने वाले मनचले की पुलिस ने की ऐसी 'खातिरदारी' कि वीडियो हुआ वायरल।

उत्तर प्रदेश: सूबे में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का एक और सख्त उदाहरण सामने आया है। परीक्षा केंद्रों से लौट रही छात्राओं के साथ अभद्रता और छेड़खानी करने वाले एक युवक अरमान खान को उत्तर प्रदेश पुलिस ने न केवल दबोचा, बल्कि बीच सड़क पर ही उसे कानून का ऐसा पाठ पढ़ाया जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों के लिए उत्तर प्रदेश में कोई जगह नहीं है।
मामला उस वक्त सुर्खियों में आया जब लगभग 24 वर्षीय आरोपी अरमान खान द्वारा परीक्षा देकर घर लौट रही छात्राओं पर लगातार भद्दी टिप्पणियां और छेड़छाड़ की शिकायतें पुलिस तक पहुंचीं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आरोपी पिछले कई दिनों से परीक्षा केंद्रों के बाहर घात लगाकर बैठता था और छात्राओं का पीछा कर उन्हें परेशान करता था। छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सक्रिय हुई पुलिस टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथों धर दबोचा। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के दौरान जो दृश्य सामने आए, उन्होंने कानून की हनक को साफ तौर पर प्रदर्शित किया।
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने आरोपी अरमान को पकड़कर न केवल कड़ी फटकार लगाई, बल्कि सार्वजनिक रूप से उसे उसके किए की सजा भी दी। पुलिसिया सख्ती के दौरान आरोपी की "खातिरदारी" का तरीका इतना प्रभावी था कि वहां मौजूद लोग पुलिस के इस कड़े रुख की सराहना करने लगे। आरोपी को बीच सड़क पर सबक सिखाने के बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विधिक विशेषज्ञों और सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की ऑन-स्पॉट पुलिसिया सख्ती से अपराधियों के मन में कानून का भय बैठता है। उत्तर प्रदेश पुलिस की यह कार्रवाई 'मिशन शक्ति' के उस उद्देश्य को पुख्ता करती है, जिसमें सार्वजनिक स्थानों को महिलाओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित बनाने का संकल्प लिया गया है। इस घटना ने साफ कर दिया है कि यदि कोई भी व्यक्ति सीमाओं को लांघने का प्रयास करेगा, तो खाकी का डंडा उसे कानून की मर्यादा सिखाने में देर नहीं लगाएगा।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
