2026 की शुरुआत राहत के साथ; यूपी में बिजली कनेक्शन शुल्क में कटौती
उत्तर प्रदेश में नया बिजली कनेक्शन अब सस्ता और आसान हो गया है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमतों में बड़ी कटौती, इस्टीमेट सिस्टम की समाप्ति और 300 मीटर तक बिना झंझट कनेक्शन की सुविधा से लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिली है।

smart prepaid meter cost reduction india : नए साल की शुरुआत उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। राज्य में अब नया बिजली कनेक्शन लेना पहले की तुलना में कहीं अधिक सस्ता और सरल हो गया है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने नई कॉस्ट डाटा बुक जारी करते हुए स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमतों में भारी कटौती की है और वर्षों से चली आ रही इस्टीमेट व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। इस फैसले से घरेलू, व्यावसायिक और गरीब उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह ने गुरुवार को नई कॉस्ट डाटा बुक को जारी किया। इसके तहत सिंगल फेस स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमत 6,016 रुपये से घटाकर 2,800 रुपये कर दी गई है, जबकि थ्री फेस स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब 11,342 रुपये की जगह 4,100 रुपये में मिलेगा। इससे पहले मीटर की लागत को 8,000 रुपये से अधिक रखने के प्रस्ताव को आयोग ने अस्वीकार कर दिया था और उपभोक्ता परिषद की मांग को स्वीकार किया गया।
नई व्यवस्था के तहत बिजली कनेक्शन के लिए अब अनुमान आधारित शुल्क प्रणाली समाप्त कर दी गई है। प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी राशि, मीटरिंग चार्ज और अन्य सभी शुल्क फिक्स कर दिए गए हैं, जिससे उपभोक्ता को केवल निर्धारित राशि ही जमा करनी होगी। तकनीकी व्यवस्थाओं जैसे पोल, कंडक्टर या ट्रांसफार्मर की जिम्मेदारी पूरी तरह विद्युत विभाग की होगी। इससे कनेक्शन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा।
नई कॉस्ट डाटा बुक के अनुसार 150 किलोवाट तक के घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शन के लिए 300 मीटर की दूरी तक किसी भी प्रकार का इस्टीमेट नहीं बनेगा। कनेक्शन दूरी को अब तीन श्रेणियों में बांटा गया है—0 से 100 मीटर, 101 से 300 मीटर और 301 मीटर से अधिक, जहां अंतिम श्रेणी में अलग से इस्टीमेट लागू होगा। इसके अलावा अविकसित और गैर-विद्युतीकृत कॉलोनियों में रहने वाले उपभोक्ताओं को अब केवल मीटरिंग शुल्क ही देना होगा, बुनियादी ढांचे के नाम पर अतिरिक्त राशि नहीं ली जाएगी।
आयोग के फैसले का एक बड़ा असर यह भी है कि 9 सितंबर 2025 से स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं से की गई लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त वसूली अब लौटानी होगी। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अनुसार, पहले एक जैसे मामलों में अलग-अलग इस्टीमेट बनाकर उपभोक्ताओं से अधिक धन वसूला जाता था, लेकिन नई व्यवस्था से यह समस्या खत्म हो जाएगी।
नई नीति के तहत 2 किलोवाट तक का घरेलू उपभोक्ता यदि 100 मीटर दूरी तक कनेक्शन लेता है तो उसे केवल लगभग 5,500 रुपये जमा करने होंगे, जबकि 300 मीटर दूरी पर यह राशि करीब 7,555 रुपये होगी। इसके साथ ही गरीब और बीपीएल उपभोक्ताओं को मीटर की कीमत किस्तों में चुकाने की सुविधा भी दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश में बिजली कनेक्शन की यह नई व्यवस्था न केवल उपभोक्ताओं के आर्थिक बोझ को कम करेगी, बल्कि राज्य में पारदर्शी और सुचारू विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी मानी जा रही है

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
