उदयपुर में समिधा संस्थान द्वारा लुई ब्रेल की 217वीं जयंती पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि श्रीमती निवृत्ति कुमारी मेवाड़ की उपस्थिति में आयोजित इस समारोह में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर और पर्यावरण संरक्षण हेतु जागरूकता सत्र चलाए गए। दृष्टिबाधित समाज के उत्थान और प्लास्टिक मुक्त भविष्य के संकल्प के साथ इस आयोजन ने सामाजिक सेवा की एक नई मिसाल पेश की है, जिसमें चिकित्सा विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों ने शिरकत की।

उदयपुर। जब संकल्प में सेवा की खुशबू और इरादों में समाज सुधार की लौ जलती है, तो आयोजन केवल औपचारिकता न रहकर एक आंदोलन बन जाते हैं। झीलों की नगरी उदयपुर में समिधा संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम कुछ ऐसा ही था, जहाँ महान समाज सुधारक और दृष्टिबाधित समाज की आँखों में शिक्षा का स्वप्न सजाने वाले ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल की 217वीं जयंती को बेहद गौरवमयी और लोक-कल्याणकारी रूप में मनाया गया। यह आयोजन न केवल एक महापुरुष को श्रद्धांजलि थी, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति सजग करने का एक सशक्त प्रयास भी रहा।

संस्थान के संस्थापक डॉ. चंद्रगुप्त सिंह चौहान के नेतृत्व में आयोजित इस गरिमामय समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमती निवृत्ति कुमारी मेवाड़ द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अपने ओजस्वी संबोधन में श्रीमती मेवाड़ ने लुई ब्रेल के जीवन संघर्ष को याद करते हुए कहा कि ब्रेल लिपि ने दुनिया भर के दृष्टिबाधित व्यक्तियों को पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त कर उन्हें आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ जीने का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने सामाजिक समावेशन की आवश्यकता पर बल देते हुए समिधा संस्थान के प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायाधीश कुलदीप शर्मा, पर्यटन विभाग की उपनिदेशक शिखा सक्सेना, राजस्थान ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक कमलेश गुप्ता, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष भंवर सिंह पवार, वरिष्ठ नेता प्रमोद सामर एवं शिक्षाविद डॉ. आभा शर्मा उपस्थित रहे, जिन्होंने समाज के वंचित वर्गों तक न्यायिक और सामाजिक लाभ पहुँचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

मानवीय संवेदनाओं को केंद्र में रखते हुए कार्यक्रम के दौरान चौधरी हॉस्पिटल एवं पेसीफिक हॉस्पिटल (PIMS), उमरड़ा के सहयोग से एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। चिकित्सा शिविर में डॉ. जय, डॉ. विवेक पाराशर और सुश्री कोमल दशोरा की देखरेख में अनुभवी चिकित्सकों ने आमजन के स्वास्थ्य का परीक्षण किया, जिसमें ब्लड प्रेशर, शुगर और सामान्य रोगों की जांच के साथ-साथ जरूरतमंदों को दवाइयां भी वितरित की गईं। सेवा के इस प्रवाह के साथ-साथ भविष्य की सुरक्षा का संदेश भी दिया गया। राजस्थान स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की प्रतिनिधि सुश्री आस्था और यशपाल ने प्लास्टिक प्रदूषण की भयावहता पर प्रकाश डालते हुए 'सिंगल यूज प्लास्टिक' के त्याग का आह्वान किया और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को अपनाने की शपथ दिलाई।

कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा वहां उपस्थित गणमान्य नागरिकों की सूची से लगाया जा सकता है, जिसमें अंध विद्यालय की प्राचार्य नीलम माहेश्वरी, जमीला बानु, प्रमिला पगारिया, संस्थान के उपाध्यक्ष संजय चतुर्वेदी, उप सचिव लोकेश जोशी, लालचंद रावत, लोकेश पालीवाल, चिन्मय भट्ट, सखाराम मेघवाल, मुकेश कुमार जाट, मांगीलाल बुनकर, भागचंद जिनगर, भावेश देसाई, सुनील पालीवाल, दिव्या जोशी, दिलीप कुमार, दीपक शर्मा, कुंतल जोशी, श्रीमती अर्चना सक्सेना, श्रीमती शाहीन बानू और अभिमन्यु सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और चिकित्सक शामिल थे। कार्यक्रम का सफल संचालन रणवीर सिंह जोलावास ने किया। अंततः, यह समारोह केवल एक जयंती उत्सव मात्र नहीं रहा, बल्कि इसने उदयपुर की धरा से मानवता, स्वच्छता और सेवा का एक ऐसा सामूहिक संकल्प साझा किया, जो आने वाले समय में समाज के लिए प्रेरणा का प्रकाश स्तंभ बना रहेगा।

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