पानरवा, गुराड और भैषाणा के आदिवासी किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 50-50 मुर्गियां और 100 किलो पोषाहार देकर स्वरोजगार से जोड़ा गया।

फलासिया/पानरवा। जनजाति कल्याण कोष योजना के तहत आदिवासी अंचल के किसानों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत पानरवा, गुराड एवं भैषाणा के कुल 09 चयनित किसानों को प्रत्येक किसान को 50–50 मुर्गियां एवं 100 किलोग्राम पोषाहार का वितरण किया गया।

स्वरोजगार और आर्थिक सुदृढ़ता पर जोर

कार्यक्रम में ब्लॉक पशु चिकित्सालय फलासिया के अधिकारी डॉ. किशोर कुमावत ने कहा कि "मुर्गी पालन ग्रामीण परिवारों के लिए कम लागत में अधिक आय का सशक्त माध्यम है। इससे किसानों की अतिरिक्त आय के साथ पोषण स्तर में भी सुधार होगा।" उन्होंने लाभार्थियों को वैज्ञानिक पद्धति से पालन, टीकाकरण एवं स्वच्छता संबंधी आवश्यक जानकारी भी दी। अधिकारियों ने बताया कि योजना का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्र के किसानों को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक सुदृढ़ता प्रदान करना है।

विभागीय उपस्थिति और आभार

इस अवसर पर पशुधन निरीक्षक पानरवा रणजीत सिंह सोलंकी एवं पशुधन निरीक्षक नेवज दिलीप खैर की उपस्थिति में वितरण कार्य संपन्न हुआ। जनजाति कल्याण कोष योजना अंतर्गत 9 किसानों को 50–50 मुर्गियां एवं पोषाहार का वितरण आजीविका संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लाभार्थी किसानों ने इस योजना के लिए राज्य सरकार एवं पशुपालन विभाग का आभार व्यक्त करते हुए इसे अपनी प्रगति का आधार बताया।

Pratahkal Bureau

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