आचार्य विहर्ष सागर का खेरोदा में मंगल प्रवेश, विद्यार्थियों को दी संस्कार की सीख
राष्ट्र संत आचार्य विहर्ष सागर ने खेरोदा के किशन विद्या मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ संस्कार और स्वावलंबन अपनाने की प्रेरणा दी।

खेरोदा के किशन विद्या मंदिर में आयोजित धर्मसभा के दौरान विद्यार्थियों और गणमान्य नागरिकों को संस्कार एवं उच्च चरित्र का महत्व समझाते आचार्य विहर्ष सागर महाराज।
किशन विद्या मंदिर में भव्य मंगल प्रवेश
राष्ट्र संत आचार्य विहर्ष सागरजी महाराज ससंघ का भींडर से बांसड़ा होते हुए अतिशय क्षेत्र अडिंदा पार्श्वनाथ की ओर विहार के दौरान खेरोदा के गुलाब नगर स्थित किशन विद्या मंदिर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। विद्यालय आगमन पर संस्था प्रधान कुशाल सिंह शक्तावत, स्टाफ और विद्यार्थियों ने पुष्पवर्षा एवं पाद प्रक्षालन कर गुरुदेव की अगवानी की।
आचार्यश्री का पावन पाथेय: संस्कारों की सीख
इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्यश्री ने बच्चों को संस्कारों की सीख दी। उन्होंने कहा:
"विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जीवन में संस्कार, स्वावलंबन और सेवा के गुणों को भी आत्मसात करना चाहिए।"
उन्होंने तप और त्याग का महत्व बताते हुए बच्चों को उच्च चरित्र वाला इंसान बनने की प्रेरणा दी। संस्कारों के बिना शिक्षा अधूरी, अच्छे चरित्र से ही बनेगा महान जीवन।
मुनि श्री का संबोधन एवं कार्यक्रम विवरण
- मुनि विजयेश सागर महाराज: इन्होंने संगति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि "मनुष्य जैसा साथ चुनता है, उसका जीवन वैसा ही आकार लेता है, इसलिए सदैव अच्छी संगति करनी चाहिए।"
- मंगलाचरण: कार्यक्रम का आरंभ सपना भीमावत द्वारा किया गया।
- जिनवाणी भेंट: स्कूल शिक्षा परिवार के ब्लॉक प्रभारी अनिल स्वर्णकार ने दिगंबर संतों की कठिन चर्या का वर्णन करते हुए आचार्यश्री को जिनवाणी भेंट की।
- समापन: अंत में मंगल आरती और जिनवाणी स्तुति की गई।
उपस्थित गणमान्य नागरिक
इस दौरान जयन्तिलाल फांदोत, निखिल कंठालिया, राजेश जैन और सौरभ जैन सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
अडिंदा पार्श्वनाथ में मंगल प्रवेश
मंगलवार प्रातः खेरोदा से पद विहार करते हुए आचार्य विहर्ष सागर महाराज ससंघ का प्रातः 8:30 बजे अतिशय क्षेत्र अडिंदा पार्श्वनाथ में मंगल प्रवेश हुआ। यहाँ क्षेत्र पर विराजमान आर्यिका सुविज्ञमति माताजी एवं आर्यिका सम्मेदशिखरमती माताजी ने आचार्य संघ की मंगल अगवानी की। अडिंदा पार्श्वनाथ ट्रस्ट परिवार द्वारा आचार्यश्री का पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया।

Pratahkal Bureau
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