2025 की महिलाओं का जलवा; भारत को दिलाया ग्लोबल पहचान
साल 2025 में भारतीय महिलाओं ने साहित्य, फिल्म, खेल और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नया इतिहास रचते हुए भारत का नाम रोशन किया। बानू मुश्ताक़, पायल कपाड़िया, वर्षा देशपांडे, सोनाली घोष और जानवी जिंदल जैसी महिलाएं वैश्विक मंच पर मिसाल बन गईं।

Year Ender 2025 : साल 2025 भारतीय महिलाओं के लिए विशेष रहा, क्योंकि इस साल कई महिलाओं ने न केवल अपना बल्कि भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। साहित्य, फिल्म, खेल, समाजसेवा और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में इन महिलाओं की उपलब्धियों ने दुनिया का ध्यान भारत की क्षमता और प्रतिभा की ओर खींचा।
लेखिका, वकील और एक्टिविस्ट बानू मुश्ताक़ ने शॉर्ट स्टोरी कलेक्शन 'हार्ट लैंप' के लिए इंटरनेशनल बुकर प्राइज जीतकर इतिहास रच दिया। बानू कन्नड़ में लिखने वाली पहली लेखिका हैं जिन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला है। उनकी जीत ने भारत की क्षेत्रीय भाषाओं और महिलाओं के साहित्यिक योगदान पर वैश्विक ध्यान केंद्रित किया।
सिनेमा में पायल कपाड़िया ने भारत का कान्स इतिहास फिर से लिखा। उनकी फ़िल्म 'ऑल वी इमेजिन एज़ लाइट', जो मुंबई में रहने वाली केरल की नर्सों की ज़िंदगी पर आधारित है, ने ग्रैंड प्रिक्स जीता और आठ मिनट के स्टैंडिंग ओवेशन के साथ तीन दशक बाद भारत को कान्स फेस्टिवल के विनर्स की सूची में वापस लाया। 38 वर्षीय पायल अब दुनिया के सबसे चर्चित फ़िल्ममेकरों में शामिल हो गई हैं।
सामाजिक क्षेत्र में एडवोकेट वर्षा देशपांडे ने महाराष्ट्र में लिंग-आधारित सेक्स सिलेक्शन और महिलाओं के अधिकारों के लिए तीन दशकों से अधिक समय तक संघर्ष किया। उनके दलित महिला विकास मंडल के ज़रिए किए गए ज़मीनी काम ने व्यक्तिगत पीड़ा को सामाजिक न्याय और जवाबदेही के आंदोलन में बदल दिया, और उन्हें संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया।
पर्यावरण संरक्षण में डॉ. सोनाली घोष ने काजीरंगा के रक्षार्थ कम्युनिटी-बेस्ड कंजर्वेशन मॉडल पेश किया, जिससे जंगलों पर निर्भर समुदायों को अलग किए बिना वन संरक्षण संभव हो सका। इसी तरह, जयश्री वेंकटेशन ने पल्लिकरनई मार्श को भारत के सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षित शहरी वेटलैंड्स में बदलकर वेटलैंड संरक्षण के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया।
खेल जगत में जानवी जिंदल, जिन्हें 'स्केटिंग गर्ल' के नाम से जाना जाता है, ने केवल 17 साल की उम्र में पांच गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना लिए और यह साबित कर दिया कि अनुशासन और सेल्फ-ट्रेनिंग के दम पर युवा प्रतिभाएं ग्लोबल स्तर पर पहचान बना सकती हैं। इसके साथ ही, डायना पुंडोले फरारी चैलेंज में हिस्सा लेने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इंटरनेशनल मोटरस्पोर्ट में नए आयाम स्थापित कर रही हैं।
खेल के क्षेत्र में भारतीय महिला क्रिकेट टीम और महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इंटरनेशनल स्तर पर इनकी जीत ने यह साबित किया कि उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने की क्षमता या काबिलियत केवल अवसर की प्रतीक्षा नहीं करती, बल्कि उसे अपनाने की हिम्मत भी जरूरी होती है।
साल 2025 की ये उपलब्धियां न केवल प्रेरणा स्रोत हैं, बल्कि यह दर्शाती हैं कि भारतीय महिलाएं वैश्विक मंच पर हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियों की ओर अग्रसर हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
