सालों तक अध्यात्म के नाम पर रचाया ढोंग ; जाने आखिर क्या थी पखंडी अशोक खरात की काली करतूत
नासिक के भोंदूबाबा अशोक खरात पर यौन शोषण, ठगी और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप; SIT जांच में हर दिन हो रहे नए खुलासे।

Ashok Kharat
Ashok Kharat case Nashik : पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रिय मंचपर अनेको घटनाए हो रही। ऐसे में ही अब अशोक खरात प्रकरण यह एक बड़ा प्रकरण होता देखा जा रहा है। महाराष्ट्र के नासिक जिले से सामने आया स्वयंभू धर्मगुरु अशोक खरात का मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि एक संगठित शोषण और ठगी के जाल का भयावह खुलासा बनता जा रहा है। मर्चेंट नेवी के पूर्व कैप्टन से ज्योतिषी बने अशोक खरात पर लगे आरोपों की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, वैसे-वैसे समाज के विभिन्न तबकों में सनसनी फैलती जा रही है। यौन उत्पीड़न, आर्थिक धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और अंधविश्वास के नाम पर महिलाओं के शोषण जैसे गंभीर आरोपों ने इस पूरे प्रकरण को और भी गंभीर बना दिया है।
‘शुद्धिकरण’ के नाम पर यौन शोषण का आरोप :
ताजा घटनाक्रम में एक 38 वर्षीय महिला सामने आई है, जिसने आरोप लगाया है कि वैवाहिक जीवन में चल रहे तनाव को दूर करने के बहाने अशोक खरात ने उसका यौन शोषण किया। महिला के पति उसे खरात के पास लेकर गए थे, जहां कथित तौर पर ‘मानसिक और शारीरिक शुद्धिकरण’ का अनुष्ठान करने की बात कही गई। आरोप है कि इस अनुष्ठान के दौरान खरात ने महिला के पति को बाहर इंतजार करने को कहा और फिर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। यह मामला नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस प्रकार के आरोप अब लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे यह आशंका और गहराती जा रही है कि यह कोई एकल घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित पैटर्न का हिस्सा हो सकता है।
व्यापारी से लाखों की ठगी का मामला :
एक अन्य मामले में नेवासा के एक व्यापारी से 2.62 लाख रुपये की कथित ठगी का आरोप सामने आया है। आरोपी ने ‘चिंचोका’ नामक पत्थर वाली अंगूठी देकर व्यवसाय में तरक्की का दावा किया और बदले में बड़ी रकम वसूल की। पीड़ित व्यापारी राजेंद्र भगवत ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि जब उन्हें खरात की असलियत का पता चला, तब उन्होंने कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया। यह मामला अशोक खरात के खिलाफ दर्ज 11वीं एफआईआर के रूप में सामने आया है।
SIT जांच में रोजाना आ रही नई शिकायतें :
महाराष्ट्र सरकार द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) इस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच अधिकारियों के अनुसार, पिछले पांच दिनों में 50 से अधिक फोन कॉल प्राप्त हुए हैं, जिनमें लोगों ने खरात के खिलाफ विभिन्न आरोपों की जानकारी दी है। SIT द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर औसतन प्रतिदिन 15 से 20 कॉल आ रहे हैं। इनमें यौन उत्पीड़न, जबरन वसूली और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसारण जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। जांच टीम इन सभी शिकायतों का सत्यापन कर रही है और सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया गया है।
हाई-प्रोफाइल कनेक्शन और ब्लैकमेलिंग का आरोप :
जांच के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ है कि खरात के संपर्क में कई उच्च पदस्थ अधिकारी, राजनेता, डॉक्टर और उद्योगपति थे। सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने इन संबंधों का इस्तेमाल न केवल अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए किया, बल्कि कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग के लिए भी किया। एक मामले में यह आरोप सामने आया है कि खरात ने एक उद्योगपति को झूठा दावा कर डराया कि वह जिस महिला के साथ संबंध में था, वह गर्भवती हो गई है। इस बहाने उसने उस उद्योगपति से कथित तौर पर करीब 20 करोड़ रुपये वसूल लिए। बाद में यह सामने आया कि महिला गर्भवती नहीं थी।
डिजिटल साक्ष्य और संदिग्ध नेटवर्क :
SIT ने आरोपी के कार्यालय और ठिकानों पर छापेमारी कर कई दस्तावेज, डायरी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। आरोपी के मोबाइल फोन से करीब 2500 से अधिक नंबर संदिग्ध कोडवर्ड में सेव पाए गए हैं। जांच अधिकारियों को शक है कि इन नंबरों में प्रभावशाली लोगों के नाम छुपाए गए हैं। साथ ही, यह भी सामने आया है कि आरोपी पीड़ित महिलाओं से संपर्क के लिए अलग मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था, जिससे उसकी गतिविधियों का पता लगाना और मुश्किल हो गया।
कैसे खुला पूरा मामला ?
खरात नासिक जिले के सिन्नर में एक मंदिर ट्रस्ट का प्रमुख है. खरात को 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था. 35 वर्षीय एक महिला ने खरात पर तीन साल के दौरान बार-बार बलात्कार करने का आरोप लगाया था. उसकी गिरफ्तारी के बाद, उसके खिलाफ बलात्कार की कई शिकायतें दर्ज की गईं. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दो मोबाइल नंबर जारी किए जाने के बाद से, जांच टीम को औसतन प्रतिदिन 15 से 20 फोन कॉल मिल रही हैं. उन्होंने बताया कि पिछले पांच दिन में प्राप्त हुई कॉल में से 50 से अधिक कॉल खरात के खिलाफ शिकायतों से संबंधित थीं और टीम शिकायतों का सत्यापन कर रही है. उन्होंने कहा कि एसआईटी ने सूचना देने वालों की पहचान को पूरी तरह से गोपनीय रखने का आश्वासन दिया है।लोकसभा में CM Devendra Fadnvis पूरा मामला बताया हैं।
नशीले पदार्थों के इस्तेमाल की आशंका :
कुछ पीड़िताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि अनुष्ठान के दौरान उन्हें खाने-पीने के लिए ऐसी चीजें दी जाती थीं, जिनसे उन्हें चक्कर और बेहोशी जैसी स्थिति महसूस होती थी। इसके बाद आरोपी उनके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म करता था। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी गंभीरता से जांच कर रही हैं कि क्या इसमें किसी प्रकार के नशीले पदार्थों का इस्तेमाल किया गया था।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस रिमांड :
अदालत ने आरोपी अशोक खरात की पुलिस हिरासत को 1 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। पुलिस ने कोर्ट में दलील दी कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है और कई महत्वपूर्ण साक्ष्य अभी जुटाए जाने बाकी हैं। इसके अलावा, आरोपी का हथियार लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने शस्त्र अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की है। आरोपी के फार्महाउस से बंदूकें और कारतूस जप्त किए हैं। जांच में यह सामने आया कि खरात के पास मौजूद कई हथियारों की सरकारी नोंद (नॉटिंग/रजिस्ट्रेशन) नहीं है। ये हथियार बिना लाइसेंस के अवैध रूप से रखे गए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, खरात ने २०१२ के बाद से कई नए हथियार खरीदे थे, जिनमें से कई अवैध पाए गए हैं। पुलिस ने जांच के दौरान भारी मात्रा में कारतूस भी बरामद किए हैं। यह कार्रवाई यौन शोषण और नरबलि के आरोपों के बाद की गई छापेमारी के बाद हुई है। इसी साथ शालार्थ ID के घोटाले में भी खरात का नाम सामने आया दिख रहा है।
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— NDTV Marathi (@NDTVMarathi) March 20, 2026
राजनीतिक हलचल और जांच का विस्तार :
अशोक खरात मामले की आंच अब महाराष्ट्र के सियासी गलियारों तक पहुंच गई है, जिससे राज्य की राजनीति में भारी उथल-पुथल मची हुई है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद एनसीपी की कद्दावर नेता और महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर का नाम सीधे तौर पर इस विवाद से जुड़ गया है, जिसके चलते उन्हें नैतिक दबाव और भारी विरोध के बीच अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। सूत्रों के अनुसार, खरात के 'शिवनिका ट्रस्ट' और उससे जुड़े संस्थानों के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच की जा रही है, जिसमें कई रसूखदार हस्तियों के संलिप्त होने की आशंका है। हालांकि, जांच के घेरे में आने और पूछताछ के लिए समंस भेजे जाने के बावजूद रूपाली चाकणकर अभी तक अधिकारियों के समक्ष उपस्थित नहीं हुई हैं, जिससे उन पर कानूनी कार्रवाई की मांग और तेज हो गई है। एसआईटी (SIT) अब खरात के राजनीतिक संपर्कों और ट्रस्ट के माध्यम से हुए धन शोधन के पहलुओं को खंगाल रही है, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़े चेहरों के बेनकाब होने की संभावना जताई जा रही है।
अशोक खरात का मामला केवल एक व्यक्ति के अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में फैले अंधविश्वास, धोखाधड़ी और विश्वास के दुरुपयोग का एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। जिस व्यक्ति को लोग मार्गदर्शक और आध्यात्मिक गुरु मानते थे, वही व्यक्ति उनके विश्वास का सबसे बड़ा शोषक बन गया। जांच अभी जारी है और हर दिन नए तथ्य सामने आ रहे हैं। ऐसे में यह मामला न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है कि अंधविश्वास और बिना जांच-परख के किसी पर भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
