मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार का बड़ा रेस्क्यू मिशन! इंडिगो और अन्य एयरलाइंस की विशेष उड़ानों से हजारों भारतीय स्वदेश लौटे। जानें ऑपरेशन की पूरी जानकारी और ताजा अपडेट।

मिडिल ईस्ट संकट: अपनों के बीच लौटे हजारों भारतीय, सरकार और एयरलाइंस ने मिलकर चलाया राहत अभियान

नई दिल्ली/मुंबई: पश्चिम एशिया (Middle East) में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। युद्ध जैसी स्थितियों के बीच वहां रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा पर बड़ा संकट मंडरा रहा था। हालांकि, भारत सरकार की त्वरित सक्रियता और 'इंडिगो' जैसी निजी एयरलाइंस के सहयोग से अब तक हजारों भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाया जा चुका है। दिल्ली, मुंबई और कोच्चि के हवाई अड्डों पर अपने प्रियजनों को सुरक्षित देख परिवारों की आंखों में खुशी के आंसू साफ देखे जा सकते हैं।

रेस्क्यू मिशन की मुख्य बातें

इस रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) और विदेश मंत्रालय (MEA) मिलकर काम कर रहे हैं। इस अभियान के कुछ महत्वपूर्ण बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • इंडिगो की विशेष पहल: भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने जेद्दा (सऊदी अरब) से भारत के विभिन्न शहरों के लिए 10 विशेष राहत उड़ानें (Relief Operations) संचालित करने की योजना बनाई है। ये उड़ानें मुख्य रूप से उन यात्रियों के लिए हैं जिनकी नियमित उड़ानें एयरस्पेस बंद होने के कारण रद्द हो गई थीं।
  • मस्कट से भी शुरू हुई सेवाएं: एयर इंडिया एक्सप्रेस ने ओमान के मस्कट से दिल्ली, कोच्चि, कोझिकोड और मुंबई के लिए अपनी सेवाएं बहाल कर दी हैं, ताकि वहां फंसे कामगारों और पर्यटकों को निकाला जा सके।
  • 10,000 से अधिक की वापसी: सरकारी आंकड़ों और न्यूज़ रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में खाड़ी देशों के अलग-अलग हिस्सों से लगभग 10,000 भारतीय सुरक्षित अपने घर पहुँच चुके हैं।

हवाई अड्डों पर भावुक दृश्य: यात्रियों की जुबानी

जैसे ही विशेष विमानों ने भारतीय सरजमीं को छुआ, यात्रियों ने राहत की सांस ली। दुबई से लौटे एक यात्री सुनील गुप्ता ने बताया, "जब तक विमान दिल्ली में लैंड नहीं हुआ, तब तक डर बना हुआ था। आसमान में धमाकों की आवाजें सुनाई देती थीं, लेकिन भारत सरकार और एयरलाइन स्टाफ ने हमें पूरा भरोसा दिलाया।" अबू धाबी से लौटीं मलयालम अभिनेत्री स्वासिका ने भी कोच्चि एयरपोर्ट पर बताया कि हालांकि वहां प्रशासन ने स्थिति को अच्छे से संभाला है, लेकिन अपने देश लौटने की खुशी अलग ही होती है।

सरकार और दूतावास की भूमिका

भारत सरकार ने खाड़ी देशों में फंसे नागरिकों की सहायता के लिए 24x7 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

  • हेल्पलाइन और समन्वय: जेद्दा, दुबई और तेहरान में स्थित भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं।
  • एयरस्पेस पर नजर: नागरिक उड्डयन मंत्रालय खाड़ी देशों के हवाई क्षेत्र (Airspace) की स्थिति पर हर पल नजर रखे हुए है। जैसे ही सुरक्षा की मंजूरी मिलती है, अतिरिक्त उड़ानें भेजी जा रही हैं।
  • वित्तीय सहायता: कई मामलों में जहां यात्रियों के पास पैसे खत्म हो गए थे, भारतीय मिशनों ने उनके रहने और भोजन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है।

सुरक्षा सर्वोपरि

वर्तमान में मिडिल ईस्ट के हालात अस्थिर बने हुए हैं, लेकिन भारत का 'रेस्क्यू मॉडल' एक बार फिर दुनिया के सामने अपनी ताकत दिखा रहा है। सरकार की प्राथमिकता है कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों या उनके आसपास फंसे हर एक भारतीय को बिना किसी नुकसान के घर वापस लाया जाए। आने वाले दिनों में और भी विशेष उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है, ताकि कोई भी भारतीय नागरिक असुरक्षित न रहे।

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