भरतपुर की झीलों से वैश्विक मंच तक; भारतीय वन्यजीव फोटोग्राफर बैजू पाटिल ने रचा इतिहास
भारतीय वन्यजीव फोटोग्राफर बैजू पाटिल ने Refocus Awards 2025 में विश्व नंबर-1 रैंक और गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। 109 देशों के प्रतिभागियों के बीच यह उपलब्धि भारत के लिए पहली है। भरतपुर पक्षी अभयारण्य में ली गई उनकी तस्वीर ने वैश्विक मंच पर भारतीय प्रकृति को नई पहचान दिलाई।

Refocus Awards 2025 : भारत की प्राकृतिक विरासत को विश्व मंच पर गौरव दिलाने वाला एक ऐतिहासिक क्षण सामने आया है। देश के प्रख्यात वन्यजीव फोटोग्राफर बैजू पाटिल ने Refocus Awards 2025 में विश्व नंबर-1 रैंक हासिल करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। 109 देशों के प्रतिभागियों के बीच शीर्ष स्थान प्राप्त करना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय वन्यजीव फोटोग्राफी के लिए भी एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि Refocus Awards के इतिहास में पहली बार किसी भारतीय फोटोग्राफर को यह सर्वोच्च सम्मान मिला है। बैजू पाटिल की यह वैश्विक मान्यता उनके 37 वर्षों के लंबे, निरंतर और समर्पित फोटोग्राफिक सफर का परिणाम है, जिसमें उन्होंने भारत की जैव विविधता, जंगलों और वन्यजीवों के अनछुए पलों को कैमरे में कैद किया।
पुरस्कार प्राप्त करने वाली तस्वीर राजस्थान के प्रसिद्ध भरतपुर पक्षी अभयारण्य में ली गई थी। इस दुर्लभ और अत्यंत रोमांचक दृश्य में एक स्नेकबर्ड पानी से बाहर निकलते हुए मछली को अपनी चोंच में पकड़े दिखाई देता है, जबकि पास ही एक ग्रे हेरॉन पूरी एकाग्रता से अपने शिकार पर नजरें जमाए खड़ा है। यह क्षण प्रकृति के संतुलन, संघर्ष और सौंदर्य को एक ही फ्रेम में दर्शाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तस्वीर की खासियत केवल तकनीकी उत्कृष्टता नहीं, बल्कि विषय की गहरी समझ, लंबे शोध और असाधारण धैर्य को भी दर्शाती है। Refocus Awards जूरी ने इसे प्रकृति के व्यवहार को समझने और सही समय पर सही क्षण को कैद करने का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।
फोटोग्राफी से परे, बैजू पाटिल एक शिक्षाविद और संरक्षण समर्थक के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वह वर्तमान में एमजीएम विश्वविद्यालय में प्रमुख पद पर कार्यरत हैं और युवा पीढ़ी को वन्यजीव संरक्षण, प्रकृति अध्ययन और जिम्मेदार फोटोग्राफी के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
बैजू पाटिल की यह उपलब्धि भारत की प्राकृतिक धरोहर, संरक्षण प्रयासों और भारतीय फोटोग्राफी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है। यह सम्मान आने वाले वर्षों में भारतीय वन्यजीव फोटोग्राफरों के लिए नए अवसरों और वैश्विक मंच पर मजबूत उपस्थिति का मार्ग प्रशस्त करता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
