Climate Week खत्म होते ही Mumbai बनी 'गैस चैंबर'; AQI ने 243 का अकड़ा किया पार
Mumbai Climate Week के बाद शहर में प्रदूषण का कहर फिर उमड़ता हुआ दिखाई दिया। साथ ही स्वास्थ्य चेतावनी जारी की गई है। जानें धुंध और स्मॉग के पीछे क्या है मुख्य वजह

Mumbai AQI
Mumbai Air Quality Crisis : मायानगरी मुंबई, जो अभी कल तक 'क्लाइमेट वीक' के मंच से पर्यावरण संरक्षण के संकल्पों को दोहरा रही थी, आज उसी शहर की फिजाओं में प्रदूषण का जहर घुल गया है। शुक्रवार सुबह मुंबईवासियों की आंखें एक घनी, मटमैली और दमघोंटू धुंध की चादर के बीच खुलीं। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अचानक उछाल मारते हुए 243 के स्तर पर पहुंच गया, जिसने मुंबई की हवा को 'गंभीर' श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया है। विडंबना यह है कि यह संकट ठीक उसी समय गहराया है, जब शहर ने अभी-अभी जलवायु परिवर्तन पर गहन चर्चाओं के एक लंबे सप्ताह को विदा किया है।
धुंध की गिरफ्त में मायानगरी : आंकड़ों की जुबानी
प्रदूषण की इस मार ने मुंबई के हर हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है। हवा में मौजूद घातक सूक्ष्म कण, यानी PM2.5 का स्तर 175 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो सुरक्षित सीमा (60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) से लगभग तीन गुना अधिक है। मौसम वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के अनुसार, इस आपातकालीन स्थिति के पीछे कई भौगोलिक और मानवीय कारक जिम्मेदार हैं:
- हवा की मंद गति: समुद्री हवाओं की रफ्तार कम होने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में ही फंस कर रह गए हैं।
- उच्च आर्द्रता (Humidity): नमी के कारण धूल और धुएं के कण जमीन के करीब बने हुए हैं।
- अनियंत्रित निर्माण कार्य: शहर भर में चल रहे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से उड़ने वाली धूल ने स्थिति को और भयावह बना दिया है।
- वाहनों का उत्सर्जन: यातायात से निकलने वाला धुआं इस जहरीले स्मॉग का मुख्य आधार बना हुआ है।
विशेष रूप से, नवी मुंबई जैसे उपनगरीय इलाकों में स्थिति और भी चिंताजनक है, जहां AQI 267 तक जा पहुंचा है।
#WATCH | Mumbai: A layer of smog blankets parts of the city. Visuals are from Wadala. pic.twitter.com/f1gUIHoWMz
— ANI (@ANI) February 20, 2026
स्वास्थ्य चेतावनी और प्रशासनिक दबाव :
हवा के इस खतरनाक स्तर को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आपातकालीन एडवाइजरी जारी की है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या हृदय रोग से पीड़ित व्यक्तियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे घरों के भीतर ही रहें। बाहर निकलने की स्थिति में N95 मास्क का अनिवार्य उपयोग करने की सलाह दी गई है।
प्रशासनिक मोर्चे पर, बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा समय-समय पर की गई सख्त टिप्पणियों और बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) को दिए गए निर्देशों के बावजूद, धरातल पर नियमों का प्रवर्तन कमजोर नजर आ रहा है। धूल नियंत्रण के उपायों और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा जाल लगाने जैसे नियमों की अनदेखी ने शहर को इस 'गैस चैंबर' वाली स्थिति में धकेल दिया है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
