आधार सेवाओं के लिए आया AI रोबोट 'उदय', अब नहीं काटने होंगे दफ्तर के चक्कर; जानें कैसे करेगा मदद
UIDAI ने आधार सेवाओं को सरल बनाने के लिए अपना नया मैस्कॉट ‘उदय’ (Udai) लॉन्च कर दिया है। यह मैस्कॉट आधार अपडेट, सुरक्षा और ऑथेंटिकेशन जैसी जटिल जानकारियों को आम जनता तक आसान भाषा में पहुंचाएगा। MyGov पर आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता के विजेताओं के चयन के साथ शुरू हुई यह पहल डिजिटल इंडिया को और अधिक समावेशी और दोस्ताना बनाएगी। जानिए कैसे 'उदय' बनेगा एक अरब भारतीयों का डिजिटल साथी।

idai launches official mascot udai for aadhaar services : भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे को एक नया और मानवीय चेहरा देते हुए अपना आधिकारिक मैस्कॉट (शुभंकर) ‘उदय’ (Udai) लॉन्च कर दिया है। तकनीकी जटिलताओं को सरल संवाद में बदलने के उद्देश्य से पेश किया गया यह मैस्कॉट न केवल आधार सेवाओं की पहुंच बढ़ाएगा, बल्कि आम नागरिकों और सरकारी तंत्र के बीच एक दोस्ताना सेतु का कार्य भी करेगा। तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान UIDAI के चेयरमैन नीलकंठ मिश्रा ने इस अनूठी पहल का अनावरण किया, जिसे समावेशी डिजिटल इंडिया की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के मार्गदर्शन में तैयार किया गया ‘उदय’ मैस्कॉट मुख्य रूप से आधार से जुड़े अपडेट, ऑथेंटिकेशन प्रक्रियाओं, ऑफलाइन वेरिफिकेशन और डेटा सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों को आम जनता के लिए सरल भाषा में समझाने का जिम्मा संभालेगा। प्राधिकरण का मानना है कि नई तकनीक और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक ऐसे माध्यम की आवश्यकता थी, जिससे लोग भावनात्मक रूप से जुड़ सकें। इस मैस्कॉट के पीछे की रचनात्मक प्रक्रिया भी अत्यंत दिलचस्प रही है। UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार के अनुसार, इस मैस्कॉट के डिजाइन और नामकरण के लिए MyGov प्लेटफॉर्म पर एक राष्ट्रव्यापी प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसमें छात्रों और प्रोफेशनल्स की ओर से प्राप्त 875 प्रविष्टियों का पारदर्शी और बहु-स्तरीय मूल्यांकन किया गया।
इस प्रतियोगिता के परिणामों ने देश की विविधता को दर्शाया है। मैस्कॉट डिजाइन श्रेणी में केरल के त्रिशूर निवासी अरुण गोकुल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि पुणे के इदरीस दवईवाला और उत्तर प्रदेश के कृष्णा शर्मा ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं, नामकरण प्रतियोगिता में भोपाल की रिया जैन ने बाजी मारी। इस पहल के माध्यम से UIDAI ने यह संदेश दिया है कि सरकारी सेवाओं में जन-भागीदारी ही असली भरोसे और स्वीकार्यता की नींव है। विजेताओं को सम्मानित करते हुए प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि ‘उदय’ केवल एक चित्र नहीं, बल्कि आधार की विश्वसनीयता और पारदर्शिता का प्रतीक बनेगा।
आधार की यह नई पहल एक अरब से अधिक भारतीयों के लिए सेवाओं को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने की प्रतिबद्धता को दोहराती है। तकनीकी रूप से सुदृढ़ आधार अब अपनी इस नई पहचान ‘उदय’ के साथ सुदूर गांवों से लेकर महानगरों तक संचार को और अधिक प्रभावी बनाएगा। यह नवाचार सुनिश्चित करेगा कि डिजिटल युग में कोई भी भारतीय जानकारी के अभाव में पीछे न छूटे। अंततः, ‘उदय’ का आगमन भारत के डिजिटल सफर में एक नए युग की शुरुआत है, जहाँ सुरक्षा और सुगमता एक साथ मिलकर एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण करेंगे।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
