टोंक से 2 जुलाई को पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ श्रद्धालुओं का पहला जत्था आठ जुलाई को सकुशल अपने नगर वापस लौट आया। जत्थे में दयाल जी चौधरी, कन्हैयालाल जी मीणा, शक्तिसिंह जी, विक्रम एवं देव शामिल थे। इन श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए हिमाच्छादित पर्वतों, संकरी पगडंडियों और दुर्गम घाटियों से होकर कठिन यात्रा पूरी की और पूरे मार्ग में अदम्य श्रद्धा, धैर्य और उत्साह का परिचय दिया।

अमरनाथ यात्रा प्रतिवर्ष सीमित अवधि के लिए ही आयोजित की जाती है और इसे देश की सबसे पवित्र एवं चुनौतीपूर्ण तीर्थयात्राओं में गिना जाता है। यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं ने बताया कि बाबा बर्फानी की इस यात्रा ने उन्हें न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान की, बल्कि आत्मविश्वास और जीवन के प्रति एक नई ऊर्जा का भी संचार किया। श्रद्धालुओं का मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में कम से कम एक बार इस पावन यात्रा का अनुभव अवश्य करना चाहिए।

नगर आगमन पर श्रद्धालुओं के परिजनों और शुभचिंतकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। जत्थे की सुरक्षित वापसी के बाद अब कल टोंक में उनके सम्मान में एक विशेष स्वागत एवं अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

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