AI से इंसान का अंत? कम्प्यूटर साइंटिस्ट ने दी 100 साल में मानव जाति के विलुप्त होने की चेतावनी
यूनिवर्सिटी ऑफ लुइसविले के कम्प्यूटर साइंटिस्ट रोमन याम्पोल्स्की ने भविष्यवाणी की है कि अगले 100 सालों में AI मानव जाति के लिए खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों में मतभेद हैं, लेकिन यह चेतावनी तकनीकी प्रगति और मानव नियंत्रण के बीच संतुलन पर सवाल उठाती है।

AI se insano ka khatma
AI se insano ka khatma : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव और तकनीकी प्रगति के बीच एक भयावह भविष्यवाणी ने दुनिया भर में चर्चा का विषय बना दिया है। यूनिवर्सिटी ऑफ लुइसविले के एआई और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, कम्प्यूटर साइंटिस्ट रोमन याम्पोल्स्की ने अपनी किताब ‘AI: अस्पष्ट, अप्रत्याशित, अनियंत्रित’ में दावा किया है कि अगले सौ सालों के भीतर एआई मानव जाति के अस्तित्व के लिए खतरा बन सकता है। उनका कहना है कि वर्तमान में विकसित AI सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं और भविष्य में ये इतना शक्तिशाली हो जाएगा कि इंसान उसे नियंत्रित नहीं कर पाएंगे।
याम्पोल्स्की ने बताया कि एआई के निर्णयों की जटिलता इतनी बढ़ रही है कि उनके परिणामों का पूर्वानुमान लगाना लगभग असंभव है। उन्होंने चेताया कि AI जल्द ही उस स्तर तक पहुंच जाएगा, जहां यह अपनी स्वतंत्र सोच और क्षमताओं के साथ कार्य करेगा। इस तरह का "खुद की मर्जी वाला AI" इंसानी नियंत्रण से बाहर हो सकता है।
हालांकि, इस भविष्यवाणी को लेकर विशेषज्ञों में मतभेद हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और जर्मनी की बॉन यूनिवर्सिटी की शोध रिपोर्ट के अनुसार, AI के कारण मानव जाति के विनाश की संभावना केवल 5 प्रतिशत है। वहीं, गूगल ब्रेन के सह-संस्थापक एंड्र्यू एंग और यान लेकन ने याम्पोल्स्की की चेतावनी को "अतिशयोक्ति और भ्रम फैलाने वाला" बताया। इसी तरह, ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने 2015 में एआई के संभावित खतरों की चेतावनी दी थी, जिसे व्यापक आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।
इस पूरे विवाद में स्पष्ट होता है कि एआई की तेजी से बढ़ती क्षमताएं इंसानी जीवन और समाज के लिए महत्वपूर्ण सवाल उठाती हैं। तकनीकी प्रगति और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना भविष्य में मानवता के अस्तित्व के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
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Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
