जीत को तरसा टॉटेनहम; क्या खत्म हो गया है स्पर्स का दबदबा?
10 मैचों में सिर्फ 4 अंक, जीत का लंबा इंतज़ार और नए कोच Igor Tudor के बावजूद गिरता प्रदर्शन—क्या स्पर्स पर रिलीगेशन का असली खतरा मंडरा रहा है?

Tottenham
Premier League standings 2026 : फुटबॉल की दुनिया में कभी 'दिग्गज' माना जाने वाला टॉटेनहम हॉटस्पर आज अपने अस्तित्व की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रहा है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि उत्तरी लंदन का यह प्रतिष्ठित क्लब 'जीतना भूल गया है'। 28 दिसंबर को क्रिस्टल पैलेस के खिलाफ मिली आखिरी जीत के बाद से, मार्च का महीना शुरू होने तक स्पर्स ने 10 लीग मैच खेले हैं, जिनमें वे महज चार अंक जुटा पाए हैं। यह प्रदर्शन किसी शीर्ष क्लब का नहीं, बल्कि निचली श्रेणी में गिरने की कगार पर खड़ी एक टीम का है। यदि आने वाले 10 मैचों में क्लब का प्रदर्शन दोगुना बेहतर नहीं हुआ, तो अगले सीजन में टॉटेनहम को प्रीमियर लीग के बजाय चैंपियनशिप में देखना एक कड़वी सच्चाई बन सकता है।
अस्तित्व का संकट और नेतृत्व में बदलाव :
यूरोप के नौवें सबसे अमीर क्लब के लिए यह स्थिति किसी ऐतिहासिक आपदा से कम नहीं है। चार्लटन एथलेटिक और पोर्ट्समाउथ जैसी टीमों के खिलाफ खेलने का डर अब प्रशंसकों के दिलों में घर कर चुका है। इस डूबते जहाज को बचाने के लिए बोर्ड ने थॉमस फ्रैंक को बर्खास्त कर इगोर ट्यूडर को कमान सौंपी, लेकिन सुधार की गुंजाइश अब भी कोसों दूर नजर आ रही है। ट्यूडर के मार्गदर्शन में क्रेवन कॉटेज में खेले गए दूसरे मैच में भी टीम वही पुरानी गलतियां दोहराती दिखी। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्यूडर ने स्वीकार किया कि समस्या केवल रणनीति की नहीं है; टीम का आत्मविश्वास इस कदर टूट चुका है कि खिलाड़ी अपनी बुनियादी क्षमताओं का प्रदर्शन करने में भी असमर्थ दिख रहे हैं।
मैदान पर संघर्ष और बिखरती रक्षापंक्ति :
फुलहम के खिलाफ हालिया मुकाबले ने टॉटेनहम की कमजोरियों को पूरी तरह उजागर कर दिया। हालांकि कागजों पर मिकी वैन डे वेन, पेड्रो पोरो और गुग्लिएल्मो विकारियो जैसे बेहतरीन खिलाड़ी मौजूद हैं, लेकिन मैदान पर समन्वय का पूर्ण अभाव दिखा। मैच के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:
- फुलहम के हैरी विल्सन और एलेक्स इवोबी ने स्पर्स की रक्षापंक्ति को बड़ी आसानी से भेदा और निर्णायक गोल दागे।
- राडू ड्रैगसिन और जोआओ पाल्हिन्हा जैसे खिलाड़ी विपक्षी आक्रमण के सामने असहाय नजर आए।
- आक्रमण के मोर्चे पर रिचार्लिसन का हेडर गोल एक दुर्लभ उम्मीद की किरण था, जिसे टीम आगे बढ़ाने में नाकाम रही।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
