भारतीय सुपर लीग (ISL) पांच महीने से स्थगित, खिलाड़ियों ने FIFA से हस्तक्षेप की अपील की। सुनील छेत्री, गुरप्रीत संधू, संदेश जिंघन समेत विदेशी खिलाड़ियों ने लीग की आर्थिक और संचालन संकट पर चिंता जताई। AIFF जल्द लीग संचालन संभाल सकता है, जिससे फुटबॉल जगत में राहत की उम्मीद।

भारतीय फुटबॉल का सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट, इंडियन सुपर लीग (ISL), अब पांच महीने से पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। इस बीच, देश के शीर्ष फुटबॉल सितारों ने इस संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए FIFA से हस्तक्षेप की अपील की है। कप्तान सुनील छेत्री, गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू, डिफेंडर संदेश जिंघन सहित विदेशी खिलाड़ी भी इस वीडियो अपील में शामिल हुए, जिसमें उन्होंने लीग को तुरंत पुनः चालू करने की आवश्यकता जताई।

वीडियो में खिलाड़ियों ने लीग की अनिश्चितकालीन स्थगन की गंभीरता पर जोर दिया। इस समय ISL के कोई मैच नहीं हो रहे हैं, ब्रॉडकास्टिंग पार्टनर अनुपलब्ध हैं और वाणिज्यिक साझेदार भी पीछे हट चुके हैं। क्लबों ने स्पॉन्सर की कमी और खिलाड़ियों व कर्मचारियों की बकाया वेतन जैसी समस्याओं की जानकारी दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, लीग की 14 में से 13 टीमों ने AIFF (भारतीय फुटबॉल संघ) से आग्रह किया है कि वह आवश्यक खर्च उठाए और फीस माफ करके लीग को फिर से शुरू करने में मदद करे।



इस संकट ने केवल खिलाड़ियों और क्लबों तक ही सीमित नहीं रखा। फुटबॉल के कोच, अकादमी और युवा विकास कार्यक्रम भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। बॉलीवुड अभिनेता और क्लब सह-मालिक जॉन अब्राहम ने इस स्थिति को 'शर्मनाक' करार दिया। लीग की स्थगन की वजह से AFC (एशियाई फुटबॉल महासंघ) की प्रतियोगिताओं में भारतीय क्लबों की भागीदारी पर भी संकट मंडरा रहा है। इसके अलावा, कई शीर्ष खिलाड़ी विदेशी लीग में खेलने के लिए बाहर जाने का विकल्प तलाश सकते हैं।

AIFF के सूत्रों के अनुसार, संगठन लीग के संचालन की जिम्मेदारी जल्द ही स्वयं संभाल सकता है। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं और लीग की संभावित तारीखें अगले सप्ताह घोषित की जा सकती हैं। यदि ऐसा होता है, तो यह भारतीय फुटबॉल के लिए बड़ी राहत की खबर होगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, ISL का यह लंबा स्थगन भारतीय फुटबॉल के विकास के लिए गंभीर चुनौती है। न केवल पेशेवर खिलाड़ियों के करियर पर असर पड़ा है, बल्कि युवा प्रतिभाओं को भी अवसर मिलने में रुकावट आ रही है। इसके अलावा, लीग की स्थिरता में कमी ने निवेशकों और ब्रॉडकास्ट पार्टनर्स के भरोसे को कमजोर किया है।

इस बीच, खिलाड़ियों की अपील यह दर्शाती है कि भारतीय फुटबॉल की प्रतिष्ठा और लीग की आर्थिक संरचना पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। FIFA की संभावित मध्यस्थता से लीग को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। भारतीय फुटबॉल प्रेमियों और क्लब प्रबंधन के लिए यह संकट एक महत्वपूर्ण क्षण है, जो तय करेगा कि ISL अपने स्थापित स्थान और महत्व को बनाए रख पाएगी या नहीं।

भारतीय फुटबॉल के इतिहास में यह पहला मौका नहीं है जब लीग संचालन संकट में रहा हो, लेकिन पांच महीने से लंबित रहना और खिलाड़ियों व क्लबों के सामने बढ़ती आर्थिक चुनौतियां इसे विशेष रूप से गंभीर बनाती हैं। अब सबकी नजरें AIFF और FIFA की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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