कैसे बनता है ' Cold Moon' ; जाने खगोलीय विज्ञान का एक अद्भुत रहस्य
What is Cold Moon : साल की आखिरी और सबसे चमकीली पूर्णिमा, जिसे पारंपरिक रूप से 'कोल्ड मून' कहते हैं, इस बार एक अद्भुत 'सुपरमून' के रूप में प्रकट हुई है। यह वह खगोलीय रात है जब चंद्रमा पृथ्वी के सबसे करीब आकर, सामान्य से बड़ा और अधिक दमकता हुआ दिखाई देता है, जो खगोल प्रेमियों और आम लोगों के लिए एक यादगार और मनमोहक दृश्य लेकर आया है।

What is Cold Moon ?
What is Cold Moon : साल की आखिरी पूर्णिमा, जिसे पारंपरिक रूप से 'कोल्ड मून' कहा जाता है, इस बार खगोल प्रेमियों और आम लोगों के लिए अद्भुत दृश्य लेकर आई है। यह वह खास रात होती है जब चंद्रमा अपनी पूरी रोशनी में चमकता है और पृथ्वी के सबसे नजदीक आता है, जिससे यह सामान्य पूर्णिमा की तुलना में बड़ा और अधिक दमकता दिखाई देता है।
कोल्ड मून की विशेषता इसके नाम में ही छिपी है। ठंडे मौसम में प्रकट होने वाला यह चंद्रमा न केवल खगोलीय दृष्टि से आकर्षक है, बल्कि इसका सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व भी गहरा है। प्राचीन समय में किसान और समुदाय इसे मौसम और फसल के संकेत के रूप में मानते थे। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो जब पूर्णिमा पृथ्वी के पेरिजी (सबसे नजदीकी बिंदु) पर होती है, तो इसे सुपरमून के नाम से जाना जाता है। इस स्थिति में चंद्रमा अपनी असामान्य चमक और आकार के कारण रात के आकाश में और भी प्रभावशाली दिखाई देता है।
चंद्रमा की कक्षा अंडाकार होती है और जब यह पृथ्वी के सबसे नजदीक आता है, तो उसकी दूरी लगभग 3,57,000 किलोमीटर तक कम हो जाती है। पूर्णिमा का समय और ठंडे मौसम का मेल इसे 'कोल्ड मून' नाम देने का आधार बनाता है। शहर की रोशनी से दूर किसी खुले मैदान या पहाड़ी स्थल से देखने पर यह खगोलीय दृश्य और भी मनोहारी प्रतीत होता है।
विज्ञान और खगोलशास्त्र के दृष्टिकोण से यह घटना महत्वपूर्ण है। खगोलविद इस दौरान चंद्रमा की दूरी, गति और पृथ्वी पर इसके प्रभाव का अध्ययन करते हैं। इसके अलावा, यह घटना आम जनता को खगोल विज्ञान में रुचि बढ़ाने और रात के आकाश की सुंदरता का अनुभव करने का अवसर प्रदान करती है।
कोल्ड मून केवल खगोलीय नजारा नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और सामाजिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है। साल की अंतिम पूर्णिमा में चंद्रमा की अद्भुत चमक और उसकी निकटता इस रात को यादगार और प्रेरक बनाती है।
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Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
