Supernova SN 2024ggi Starfall : वैज्ञानिकों ने पहली बार सुपरनोवा SN 2024ggi के विस्फोट का सटीक नक्शा तैयार किया और पाया कि यह गोल नहीं बल्कि जैतून (olive) आकार का था। चिली के VLT टेलीस्कोप ने विस्फोट के शुरुआती 26 घंटे के भीतर इसे कैद किया। यह खोज तारों की मौत की पुरानी वैज्ञानिक थ्योरी को चुनौती देती है और ब्रह्मांड में तत्वों के निर्माण की नई समझ पेश करती है।

Supernova SN 2024ggi Starfall : ब्रह्मांड की अथाह गहराइयों में छिपे रहस्यों से पर्दा हटाते हुए वैज्ञानिकों ने पहली बार एक मरते हुए तारे के महाविस्फोट का सटीक नक्शा तैयार किया है। SN 2024ggi नामक इस सुपरनोवा को चिली स्थित ‘वेरी लार्ज टेलीस्कोप’ ने बेहद महत्वपूर्ण शुरुआती क्षणों में कैद किया। हैरानी की बात यह रही कि यह विस्फोट गोल नहीं था, जैसा वैज्ञानिक दशकों से मानते आए थे, बल्कि इसका आकार जैतून जैसा असममित निकला। इस खोज ने तारों की अंतिम मृत्यु प्रक्रिया को लेकर स्थापित मान्यताओं को पूरी तरह चुनौती दे दी है।

यह तारा सूरज से लगभग 15 गुना अधिक भारी था, और इसका विस्फोट हाइड्रा तारामंडल की NGC 3621 गैलेक्सी में हुआ। इसकी रोशनी 22 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर तक चमकी। घटना को सबसे पहले एटलस सिस्टम ने पकड़ा, जिसके मात्र 26 घंटे बाद VLT को विस्फोट की दिशा में मोड़ दिया गया। समय का यह तेज़ निर्णय महत्वपूर्ण था, क्योंकि क्षण भर की देरी भी शुरुआती प्रकाश संकेतों को खो सकती थी, जिनमें इसकी संरचना के असली निशान छिपे थे।

Supernova SN 2024ggi Starfall

स्पेक्ट्रोपोलरिमेट्री नामक तकनीक की मदद से वैज्ञानिकों ने विस्फोट की रोशनी की दिशा को मापा। VLT के FORS2 उपकरण से प्राप्त डेटा ने दिखाया कि विस्फोट की चमक हर दिशा में समान नहीं थी। यह एक खास धुरी के साथ फैली हुई थी, जिससे इसका आकार जैतून जैसा प्रतीत हुआ। यह पहली बार था जब किसी सुपरनोवा के आकार को इतनी सटीकता से मापा गया। इसके लगभग दस दिन बाद वैज्ञानिकों ने तारे की बाहरी हाइड्रोजन-समृद्ध परतों को भी उसी धुरी के अनुरूप फैलते देखा, जिससे स्पष्ट हुआ कि विस्फोट की दिशा और आकार तारे के गहराई में चल रही प्रक्रियाओं द्वारा पहले से ही निर्धारित था।



सुपरनोवा की वैज्ञानिक समझ लंबे समय से यह मानती रही थी कि तारा अपने ही गुरुत्वाकर्षण से ढहता है और एक गोल शॉकवेव के साथ फटता है। लेकिन SN 2024ggi ने इस मॉडल को तोड़ते हुए दिखाया कि बड़े तारे असममित तरीके से भी फट सकते हैं। यह खोज ‘साइंस एडवांसेज’ में प्रकाशित हुई है और अब वैज्ञानिकों को कई पुराने सिद्धांतों की समीक्षा करने पर मजबूर करेगी। इसके साथ ही यह भी महत्वपूर्ण है कि ऐसे महाविस्फोट ही ब्रह्मांड में भारी तत्व—जैसे लोहा और कैल्शियम—का निर्माण करते हैं।



दक्षिणी गोलार्ध में केवल VLT ही ऐसे शुरुआती क्षणों को कैद करने में सक्षम था। यदि वैज्ञानिकों ने यह मौका गंवा दिया होता, तो शायद हम कभी नहीं जान पाते कि एक मरते हुए विशाल तारे का असली चेहरा कैसा होता है और उसकी अंतिम सांसें किस रूप में ब्रह्मांड को चीरती हैं। यह खोज आने वाले वर्षों में तारकीय मृत्यु, तत्व निर्माण और ब्रह्मांडीय संरचना को समझने की दिशा में एक निर्णायक मोड़ मानी जा रही है।


Updated On 1 Dec 2025 1:20 PM IST
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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