Supernova fall : कैसे मरता है एक विशाल तारा; ब्रह्मांड के सबसे विस्फोटक रहस्य की वैज्ञानिक कहानी
Supernova fall : विशाल तारे की मौत एक शक्तिशाली खगोलीय घटना है, जिसमें फ्यूजन रुकने के बाद तारा ढहकर सुपरनोवा विस्फोट में फट जाता है। इसके बाद या तो न्यूट्रॉन स्टार बनता है या ब्लैक होल। इस प्रक्रिया में लोहे, कैल्शियम और सोना जैसे भारी तत्व बनते हैं, जो ब्रह्मांड और जीवन के निर्माण की नींव रखते हैं।

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Supernova Fall : अंतरिक्ष में किसी विशाल तारे की मृत्यु उतनी शांत नहीं होती जितनी दूर से दिखाई देती है। यह एक खगोलीय नाटक होता है, जिसमें तारे के भीतर मौजूद ताकतों की जंग, उसके ढहने का क्रूर क्षण और अंत में होने वाला महाविस्फोट सब कुछ ब्रह्मांड के निर्माण और विनाश का आधार बन जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार किसी भी विशाल तारे की मौत उसके जीवन के सबसे नाटकीय क्षणों में हुई संतुलन टूटने से शुरू होती है।
एक विशाल तारा अपने भीतर दो शक्तिशाली ताकतों के बीच निरंतर संघर्ष में जीता है। गुरुत्वाकर्षण उसे भीतर की ओर खींचता है, जबकि न्यूक्लियर फ्यूजन की ऊर्जा उसे बाहर की ओर धकेलती है। यह संतुलन ही तारे को स्थिर रखता है। लेकिन जब तारा अपने ईंधन हाइड्रोजन, हीलियम और भारी तत्वों को पूरी तरह जला देता है, तब उसके केंद्र में फ्यूजन रुक जाता है। इसके बाद गुरुत्वाकर्षण पूरी तरह हावी हो जाता है और तारा अपने ही वजन के नीचे अचानक ढहने लगता है।
ढहने की यह प्रक्रिया इतनी तीव्र होती है कि तारे के भीतर एक विशाल शॉकवेव जन्म लेती है। यही शॉकवेव तारे की बाहरी परतों को चीरते हुए बाहर निकलती है और एक महाविस्फोट सुपरनोवा का रूप ले लेती है। यह विस्फोट कुछ ही क्षणों में पूरी गैलेक्सी से अधिक चमक पैदा कर सकता है, और ब्रह्मांड के सबसे तेज़ और शक्तिशाली घटनाओं में गिना जाता है।
सुपरनोवा के बाद तारे का भविष्य उसके मूल आकार पर निर्भर करता है। यदि तारे का द्रव्यमान सूर्य से आठ से बीस गुना के बीच हो, तो उसका केंद्र अत्यंत घनत्व वाले न्यूट्रॉन स्टार में बदल जाता है। लेकिन यदि तारा इससे भी अधिक भारी होता है, तो उसका कोर ढहते हुए ब्लैक होल का निर्माण करता है ऐसा क्षेत्र जहां गुरुत्वाकर्षण इतना तीव्र होता है कि रोशनी भी बचकर नहीं निकल सकती।
तारों की यह मृत्यु केवल विनाश नहीं लाती, बल्कि सृजन का मार्ग भी खोलती है। सुपरनोवा के दौरान ही ब्रह्मांड में लोहे, कैल्शियम, सोना, चांदी और अनेक भारी तत्व बनते हैं, जो बाद में ग्रहों, उपग्रहों, धूल और अंततः जीवन का हिस्सा बन जाते हैं। वैज्ञानिक बताते हैं कि हमारे शरीर में मौजूद कई तत्व उन्हीं तारों के विस्फोट का परिणाम हैं, जो अरबों वर्ष पहले समाप्त हुए थे। तारे की मौत की यह प्रक्रिया न केवल खगोल विज्ञान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, बल्कि ब्रह्मांड में पदार्थ के जन्म और विकास को समझने का मूल आधार भी है।
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Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
