ISRO ने LVM3-M6 से अब तक का सबसे भारी वाणिज्यिक उपग्रह BlueBird Block-2 सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया। यह उपग्रह 4G/5G ब्रॉडबैंड सेवाएं सीधे मोबाइल फोन तक पहुंचाएगा। भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं में यह मिशन एक नई ऊंचाई जोड़ता है और वैश्विक स्तर पर इसकी तकनीकी प्रतिष्ठा मजबूत करता है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज एक ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है। सुबह 08:55 बजे IST, ISRO के लॉन्च वाहन LVM3-M6 ने अंतरिक्ष में AST SpaceMobile का BlueBird Block-2 उपग्रह सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया। यह उपग्रह भारत से भेजा गया अब तक का सबसे भारी वाणिज्यिक उपग्रह है और इसके लॉन्च ने भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के मानक को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

BlueBird Block-2 उपग्रह को कम पृथ्वी कक्षा (LEO) में स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य सीधे मोबाइल फोन तक 4G और 5G ब्रॉडबैंड सेवाएं पहुँचाना है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह उपग्रह दुनिया के सबसे बड़े वाणिज्यिक संचार नेटवर्क में से एक का हिस्सा है, जो उन क्षेत्रों में भी इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराएगा, जहाँ पारंपरिक नेटवर्क पहुंच नहीं पा रहे हैं।

ISRO ने लॉन्च के लगभग 16 मिनट बाद पुष्टि की कि उपग्रह सफलतापूर्वक पृथक्करण और टेलीमेट्री डेटा प्राप्त कर चुका है। यह रिकॉर्ड न केवल भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में, बल्कि वैश्विक वाणिज्यिक उपग्रह प्रक्षेपण में भी भारत की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। LVM3-M6 की यह उड़ान न केवल तकनीकी सफलता का प्रतीक है, बल्कि भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत करती है।




इस मिशन के लिए ISRO ने कई वर्षों की तैयारी की। BlueBird Block-2 उपग्रह का निर्माण अमेरिकी कंपनी AST SpaceMobile ने किया है। इसके विशाल संचार सरणी और अत्याधुनिक उपकरण इसे मोबाइल इंटरनेट सेवाओं के लिए अत्यधिक उपयुक्त बनाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रक्षेपण दूरसंचार उद्योग में नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है और वैश्विक स्तर पर भारत की तकनीकी प्रतिष्ठा को और मजबूत करेगा।

सरकारी अधिकारियों ने इस मिशन की सफलता को अंतरराष्ट्रीय सहयोग और भारतीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रगति का उदाहरण बताया। ISRO के अध्यक्ष ने प्रेस बयान में कहा कि यह उपग्रह प्रक्षेपण भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए मील का पत्थर है और भविष्य में और अधिक जटिल मिशनों की तैयारी का मार्ग प्रशस्त करेगा।

विशेष रूप से, इस सफलता ने यह भी साबित किया कि भारत न केवल मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशनों और अंतरिक्ष अन्वेषण में, बल्कि वाणिज्यिक उपग्रह प्रक्षेपण और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी अग्रणी बनने की दिशा में अग्रसर है। इस मिशन से प्राप्त अनुभव और तकनीकी उपलब्धियां भविष्य में अन्य भारी उपग्रह मिशनों के लिए आधारशिला साबित होंगी।

अंतरिक्ष विशेषज्ञों का मानना है कि LVM3-M6 की यह उड़ान तकनीकी परिपक्वता, रणनीतिक योजना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का जीवंत उदाहरण है। यह मिशन भारत की अंतरिक्ष योग्यता और वैश्विक बाजार में इसकी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को उजागर करता है। BlueBird Block-2 के सफल प्रक्षेपण से न केवल भारत का अंतरिक्ष इतिहास समृद्ध हुआ है, बल्कि यह डिजिटल युग में वैश्विक कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक नई क्रांति का संकेत भी है।

Updated On 24 Dec 2025 7:55 PM IST
Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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