माउंट आबू के शरद महोत्सव में इंडियन आइडल स्नेहा शंकर की मधुर आवाज के साथ वर्ष 2026 का भव्य स्वागत किया गया। पोलो ग्राउंड में आयोजित इस तीन दिवसीय उत्सव में हजारों पर्यटकों ने संगीत, कड़ाके की ठंड में अलाव और राजस्थानी संस्कृति का आनंद लिया। नए साल की सुबह स्लो साइकलिंग और साफा बांधने जैसी प्रतियोगिताओं के साथ इस यादगार महोत्सव का समापन हुआ, जिसने पर्यटन जगत में एक नई छाप छोड़ी है।

राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू के पोलो ग्राउंड में बीते कल एक ऐतिहासिक दृश्य जीवंत हो उठा, जहाँ वर्ष 2025 को विदाई दी गई और 2026 का स्वागत अभूतपूर्व उत्साह के साथ किया गया। राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग, स्थानीय नगर पालिका और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस शरद महोत्सव ने माउंट आबू की वादियों को उत्सव के रंग में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण इंडियन आइडल फेम सुप्रसिद्ध गायिका स्नेहा शंकर रहीं, जिन्होंने अपनी जादुई आवाज़ और एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुतियों से कड़ाके की ठंड के बीच देर रात तक समां बांधे रखा। हजारों की संख्या में देश के कोने-कोने से आए सैलानियों ने संगीत की इन स्वर लहरियों के बीच झूमते हुए नए साल का स्वागत किया। जैसे ही घड़ी की सुइयों ने रात के 12 बजाए, पूरा पोलो ग्राउंड 'हैप्पी न्यू ईयर' के उद्घोष से गूंज उठा और पर्यटकों ने एक-दूसरे को गले लगाकर नव वर्ष की मंगलकामनाएं दीं।

प्रशासनिक गरिमा और जन-प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी भव्य बना दिया। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों की मौजूदगी में आयोजित इस तीन दिवसीय शरद महोत्सव का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना और राजस्थानी संस्कृति से रूबरू कराना रहा। कड़ाके की ठंड के बावजूद उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी; पर्यटक अलाव जलाकर उसके चारों ओर घेरा बनाकर बैठ गए और पारंपरिक तथा आधुनिक गीतों के मिश्रण का आनंद लेते रहे। इसके साथ ही माउंट आबू के हीलॉक गार्डन में भी विशेष आयोजन किए गए, जहाँ सैलानियों ने विभिन्न प्रकार के लजीज व्यंजनों का स्वाद चखा। यह महोत्सव न केवल मनोरंजन का साधन बना, बल्कि विदेशी और देशी पर्यटकों के लिए राजस्थान की अतिथि देवो भव: की परंपरा का एक जीवंत उदाहरण भी साबित हुआ।

नए साल की पहली सुबह भी बेहद ऊर्जावान और सांस्कृतिक गतिविधियों से ओत-प्रोत रही। शरद महोत्सव के औपचारिक समापन के अवसर पर आज सुबह पर्यटकों के लिए स्लो साइकलिंग और टर्बन टाइंग (साफा बांधना) जैसी रोचक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। साफा बांधने की प्रतियोगिता में पर्यटकों का उत्साह देखते ही बनता था, जहाँ कई विदेशी सैलानियों ने भी राजस्थानी संस्कृति के इस प्रतीक को धारण कर गर्व महसूस किया। पर्यटन विभाग के इन अनूठे प्रयासों ने सुबह के समय को पर्यटकों के लिए यादगार बना दिया। हमारे संवाददाता ने इस दौरान विभिन्न राज्यों और विदेशों से आए सैलानियों से विशेष बातचीत की, जिसमें उन्होंने माउंट आबू की प्राकृतिक सुंदरता और प्रशासन के प्रबंधन की जमकर सराहना की। इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि माउंट आबू न केवल पर्यटन के लिए, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए भी देश का प्रमुख केंद्र है।

Pratahkal Bureau

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