सवाई माधोपुर, 3 अगस्त। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध अब कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने सड़क संकेतक (साइनेज), दिशा सूचक बोर्ड, माइलस्टोन, चेतावनी बोर्ड एवं अन्य यातायात सुरक्षा संकेतकों को क्षति पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी जारी की है।

सहायक अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग उपखण्ड बहरावण्डा खुर्द ने बताया कि विभाग के संज्ञान में आया है कि विभिन्न स्थानों पर स्थापित सड़क संकेतक एवं अन्य यातायात सुरक्षा से संबंधित संकेतकों को क्षतिग्रस्त किया जा रहा है। ऐसे कृत्य से न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, बल्कि सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न होता है।

उन्होंने बताया कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना “प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट, 1984” के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं अन्य प्रासंगिक विधिक प्रावधानों के तहत दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सार्वजनिक निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्ति की मरम्मत अथवा पुनर्स्थापना पर होने वाले व्यय की वसूली भी संबंधित दोषियों से की जाएगी। विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति सड़क संकेतक, माइलस्टोन, चेतावनी बोर्ड अथवा अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा सार्वजनिक निर्माण विभाग के संबंधित कार्यालय को दें, जिससे समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

सहायक अभियंता ने कहा कि भविष्य में यदि कोई भी व्यक्ति विभागीय साइनेज अथवा अन्य सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध बिना किसी पूर्व सूचना के नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा में आमजन का सहयोग भी आवश्यक है, ताकि यातायात सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाए रखा जा सके।

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