सवाई माधोपुर ने रचा इतिहास: लाडो प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन में प्रदेश भर में बना नंबर वन
सवाई माधोपुर जिला राजस्थान में 'लाडो प्रोत्साहन योजना' के क्रियान्वयन में प्रथम स्थान पर रहा है। यहाँ अगस्त 2024 से नवंबर 2025 के बीच 8,244 बालिकाओं को 2.6 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। डॉ. अनिल कुमार जैमिनी के नेतृत्व में चिकित्सा विभाग ने सात किश्तों वाली इस योजना के जरिए लिंगानुपात सुधार और बेटियों की शिक्षा को नई उड़ान दी है। जानिए कैसे सवाई माधोपुर बना प्रदेश का मॉडल जिला।

सवाई माधोपुर, 6 जनवरी। राजस्थान की धरा पर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में सवाई माधोपुर जिले ने एक स्वर्णिम अध्याय लिखा है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शुमार 'लाडो प्रोत्साहन योजना' के सफल क्रियान्वयन और पात्र बालिकाओं तक त्वरित लाभ पहुँचाने के मामले में सवाई माधोपुर पूरे प्रदेश में पहले पायदान पर काबिज हो गया है। जिले ने अगस्त 2024 से नवंबर 2025 के मध्य 8,244 नन्हीं कलियों के जीवन में खुशहाली की दस्तक देते हुए कुल 2.6 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की है। यह उपलब्धि न केवल जिले के प्रशासनिक तालमेल को दर्शाती है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति बदलती सोच का भी जीवंत प्रमाण है।
योजना की बारीकियों पर नजर डालें तो यह महज एक आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि एक बालिका के जन्म से लेकर उसके स्नातक होने तक का एक सुरक्षा कवच है। इस योजना के अंतर्गत सरकारी और अधिस्वीकृत निजी अस्पतालों में जन्म लेने वाली बालिकाओं को सात विभिन्न किश्तों में कुल डेढ़ लाख रुपये की सहायता दी जाती है। सवाई माधोपुर ने अपनी दक्षता सिद्ध करते हुए पहली किश्त के रूप में 8,244 बच्चियों को 2 करोड़ 6 लाख 10 हजार रुपये और दूसरी किश्त के रूप में 1,890 बच्चियों को 47 लाख 75 हजार रुपये का भुगतान सुनिश्चित किया है। नियमों के अनुसार, प्रथम दो किश्तों का दायित्व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग निभा रहा है, जबकि आगामी पाँच किश्तों का भुगतान शिक्षा विभाग के माध्यम से शिक्षा के विभिन्न पड़ावों पर किया जाएगा।
लिंगानुपात में सुधार और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के दोहरे उद्देश्य वाली इस मुहिम में जननी सुरक्षा योजना की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 12 अप्रैल 2005 से संचालित इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1,400 रुपये और शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1,000 रुपये की सीधी सहायता दी जा रही है। सवाई माधोपुर जिला अस्पताल में सर्वाधिक 2,725 और गंगापुर सिटी उप जिला अस्पताल में 1,476 प्रसव दर्ज किए गए। इसके अलावा मलारना डूंगर, खंडार, चौथ का बरवाड़ा, बामनवास, गंगापुर सिटी, बोली और सवाई माधोपुर ब्लॉक के केंद्रों सहित निजी अस्पतालों में भी बालिकाओं को इस योजना से लाभान्वित किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह लाभ केवल राजस्थान के मूल निवासी परिवारों की बेटियों को ही देय है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अनिल कुमार जैमिनी ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग के प्रत्येक अधिकारी और कार्मिक की तत्परता से ही सवाई माधोपुर आज राजस्थान के मानचित्र पर शीर्ष स्थान पर है। डॉ. जैमिनी ने यह भी साझा किया कि सभी संबंधित अधिकारियों को भुगतान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी न करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रदेश में प्रथम स्थान के इस गौरव को निरंतर बरकरार रखा जा सके। यह योजना आज उन हजारों परिवारों के लिए संबल बनकर उभरी है जो कल तक अपनी लाडो की पढ़ाई और परवरिश को लेकर चिंतित थे।

Pratahkal Bureau
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