सवाई माधोपुर में जिला कलक्टर काना राम और एसपी अनिल कुमार की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न हुई। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत जिले में जागरूकता अभियान चलाने, अवैध खनन पर लगाम लगाने और हेलमेट की अनिवार्यता पर जोर दिया गया। प्रशासन ने यातायात नियमों की पालना को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की।

सवाई माधोपुर। सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों को अनुशासन का हिस्सा बनाने के संकल्प के साथ सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय पर एक महत्वपूर्ण विमर्श हुआ। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति और टास्क फोर्स की इस बैठक में जिला कलक्टर काना राम ने स्पष्ट संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा मात्र प्रशासनिक नियम नहीं, बल्कि प्रशासन और समाज की एक साझा जिम्मेदारी है। पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में न केवल सड़कों की सुरक्षा, बल्कि जिले के समग्र विकास और जन कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर भी गहन मंथन किया गया।

बैठक की शुरुआत करते हुए जिला कलक्टर ने 'राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026' की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि 1 से 30 जनवरी तक जिलेभर में जागरूकता अभियानों और प्रवर्तन कार्यवाहियों की एक व्यापक श्रृंखला चलाई जाएगी। कलक्टर ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु का मुख्य कारण हेलमेट न लगाना होता है। उन्होंने इस अभियान की शुरुआत स्वयं सरकारी तंत्र से करने का आह्वान करते हुए निर्देश दिए कि सभी राजकीय कर्मचारी शत-प्रतिशत हेलमेट का उपयोग करें ताकि समाज में एक सकारात्मक संदेश जाए। बैठक के दौरान 'गोल्डन ऑवर' यानी दुर्घटना के ठीक बाद के महत्वपूर्ण समय की संवेदनशीलता पर भी जोर दिया गया, ताकि समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराकर अमूल्य जीवन को बचाया जा सके।

प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं को छूते हुए जिला कलक्टर काना राम ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने अवैध खनन के विरुद्ध सख्त रुख अख्तियार करते हुए पुलिस, खनन, वन और राजस्व विभाग को संयुक्त टीमें गठित कर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही 'कर्मभूमि से मातृभूमि की ओर' अभियान के माध्यम से प्रवासियों को मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 से जोड़ने, गरीबी मुक्त गांव योजना के तहत बीपीएल परिवारों को लाभान्वित करने और पीएम कुसुम योजना को धरातल पर उतारने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विभागवार समीक्षा की गई।

परिवहन, शिक्षा, चिकित्सा और सार्वजनिक निर्माण विभाग को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कलक्टर ने विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटकों, रैलियों और पोस्टर-बैनर के माध्यम से जागरूकता फैलाने की रणनीति साझा की। कोहरे के मौसम को देखते हुए वाहनों और मवेशियों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाने जैसे जीवन रक्षक उपायों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। बैठक में प्रशासनिक गरिमा के साथ अधीक्षण अभियंता विद्युत विभाग बी.एल. मीना, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलेन्द्र सिंह, डीएसपी उदय मीना, जिला परिवहन अधिकारी हनुमान मीणा और रिडकोर के परियोजना प्रबंधक अश्वनी पाठक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक न केवल नीतिगत निर्णयों का मंच बनी, बल्कि सुरक्षित सवाई माधोपुर की दिशा में एक सशक्त प्रशासनिक कदम के रूप में भी उभरी।

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