सवाई माधोपुर: चौथ का बरवाड़ा में 72 घंटे बाद दुकानदारों की भूख हड़ताल समाप्त
खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल की मध्यस्थता और वन विभाग के साथ 10×10 फीट जगह देने की मौखिक सहमति के बाद दुकानदारों ने अनशन तोड़ा।

सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में रविवार को 72 घंटे से जारी भूख हड़ताल समाप्त कराने के दौरान अनशनकारियों को जूस पिलाते खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल और उपस्थित प्रशासनिक अधिकारी।
सवाई माधोपुर। चौथ का बरवाड़ा कस्बे स्थित चौथ माता खातोलाव परिसर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में गुरुवार से चल रही दुकानदारों की भूख हड़ताल रविवार को समाप्त हो गई। खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल की पहल पर जिला प्रशासन, वन विभाग और अनशनकारियों के बीच मौखिक सहमति बनने के बाद 72 घंटे से जारी अनशन खत्म कराया गया। विधायक गोठवाल ने स्वयं अनशनकारियों को माला पहनाकर और जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में कस्बेवासी, भाजपा कार्यकर्ता, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
10×10 फीट समान स्थान देने पर बनी मौखिक सहमति
वार्ता के दौरान सभी प्रभावित दुकानदारों को 10×10 फीट का समान स्थान उपलब्ध कराने पर मौखिक सहमति बनी। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है। चौथ माता पुजारी शंकर लाल सैनी ने सार्वजनिक रूप से बनी सहमति की जानकारी उपस्थित लोगों को दी। विधायक गोठवाल ने कहा कि "राज्य सरकार गरीबों के साथ खड़ी है और किसी भी गरीब के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।" उन्होंने बताया कि वन मंत्री के हस्तक्षेप के बाद समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ।
वन विभाग की कार्रवाई के बाद शुरू हुआ था आंदोलन
गौरतलब है कि लव-कुश वाटिका प्रोजेक्ट के तहत वन विभाग ने खातोलाव परिसर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी। इस दौरान वर्षों से पूजा सामग्री, नाश्ता-पानी व अन्य सामग्री बेचकर जीविकोपार्जन कर रहे दुकानदारों की दुकानों को जेसीबी से हटाया गया। इस कार्रवाई से 90 से अधिक परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई थी।
प्रभावित परिवारों का संघर्ष और प्रशासनिक उपस्थिति
प्रभावित परिवारों में अधिकांश अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से जुड़े लोग हैं, जो पिछले 35–40 वर्षों से यहां छोटे व्यवसाय के माध्यम से अपना जीवनयापन कर रहे थे। दुकानदारों का कहना था कि "पुनर्वास की ठोस व्यवस्था किए बिना दुकानें हटाना उनके साथ अन्याय है।" अनशन समाप्ति के दौरान उपखंड अधिकारी जोगेंद्र सिंह, तहसीलदार नीरज सिंह, रेंजर कैलाश चंद्र शर्मा, फॉरेस्टर विजय कुमार बैरवा, थाना अधिकारी महेंद्र कुमार शर्मा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
क्षेत्र में शांति और विधायक का आभार
वन विभाग और दुकानदारों के बीच मौखिक सहमति बनने के बाद क्षेत्र में शांति का माहौल कायम हो गया। आंदोलन को स्थानीय लोगों का भी व्यापक समर्थन मिला था। अनशन समापन की घोषणा करते हुए शंकर लाल सैनी ने कहा कि "विधायक के प्रयासों से बराबर स्थान मिलने का आश्वासन मिला है, जिससे 90 से अधिक परिवारों के चूल्हे फिर से नियमित रूप से जल सकेंगे।" उन्होंने विधायक, वन विभाग और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

Pratahkal Bureau
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