महापरिनिर्वाण दिवस 2025 : 1956 में डॉ. भीमराव आंबेडकर की मुंबई यात्रा और धर्म परिवर्तन समारोह की तैयारी में नानकचंद रत्तू की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई। राज्यसभा से लौटकर बाबासाहेब ने स्वास्थ्य के बावजूद अंतिम तैयारियां कीं और समाज सुधार की दिशा में योगदान जारी रखा।

महापरिनिर्वाण दिवस 2025 : डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवन के अंतिम महीनों में, 1956 के दिसंबर में मुंबई में धर्म परिवर्तन समारोह की तैयारियां चल रही थीं। राज्यसभा से लौटकर बाबासाहेब ने 26, अलीपुर रोड के अपने बंगले में थोड़ी देर आराम किया। दोपहर बाद उनकी पत्नी सविता आंबेडकर (माईसाहेब) ने उन्हें जगाया और कॉफी पिलाई। लॉन में बैठकर दोनों ने कुछ महत्वपूर्ण चर्चाएँ कीं, इसी दौरान नानकचंद रत्तू वहां पहुंचे।

16 दिसंबर 1956 को मुंबई (तत्कालीन बंबई) में आयोजित होने वाले इस धर्म परिवर्तन समारोह में बाबासाहेब और माईसाहेब दोनों की उपस्थिति अनिवार्य थी। इस कार्यक्रम को नागपुर के समान सफल बनाने की योजना बन रही थी।

नानकचंद रत्तू, पंजाब के होशियारपुर ज़िले के निवासी, 1940 से डॉ. आंबेडकर के सचिव रहे। उन्होंने बाबासाहेब के लेखों को टाइप करने में मदद की और उनके जीवन के अंतिम दिनों तक उनके साथ रहे। बाद में उन्होंने बाबासाहेब की याद में दो पुस्तकें भी लिखीं। रत्तू का जन्म 6 फरवरी 1922 को हुआ और उनका निधन 5 सितंबर 2002 को हुआ।

बाबासाहेब ने 14 दिसंबर को मुंबई जाने के टिकट की व्यवस्था के लिए नानकचंद रत्तू से संपर्क किया। माईसाहेब की जीवनी 'डॉ. आंबेडकरांच्या सहवासात' के अनुसार, बाबासाहेब की बिगड़ी हुई सेहत को ध्यान में रखते हुए उन्हें हवाई यात्रा से मुंबई जाने की सलाह दी गई। इसके बाद बाबासाहेब ने नानकचंद रत्तू को निर्देश दिए कि वे विमान यात्रा की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

14 दिसंबर की रात, बाबासाहेब देर तक नानकचंद रत्तू को बोलकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार करवाते रहे। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे उन्होंने सोने का निर्णय लिया और चूंकि समय काफी हो चुका था, नानकचंद रत्तू भी उसी बंगले में रात्रि विश्राम के लिए रुके। इस तैयारी और संगठन ने दर्शाया कि बाबासाहेब जीवन के अंतिम दिनों में भी समाज सुधार और धर्म परिवर्तन के कार्यक्रमों को प्राथमिकता देते रहे।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story