हरनावदाशाहजी क्षेत्र में बेमौसम बारिश से किसानों की मक्का फसल बर्बाद हो गई। खेतों में सूखने रखी उपज भीगने से फफूंदी का खतरा बढ़ा। सरसों और गेहूं की बुआई भी प्रभावित हुई। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की, वहीं प्रशासन ने नुकसान का सर्वे शुरू किया।

हरनावदाशाहजी। क्षेत्र में सोमवार को हुई बेमौसम बारिश और अगले दो दिनों तक आसमान में छाए बादलों ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में सूखने के लिए रखी मक्का की फसल पूरी तरह भीग गई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस अचानक हुई बारिश ने न केवल तैयार उपज को नुकसान पहुंचाया बल्कि आने वाली रबी फसलों की तैयारी को भी प्रभावित कर दिया है।

किसानों के अनुसार, मक्का की कटाई पूरी हो चुकी थी और उपज खेतों में सुखाने के लिए रखी गई थी। अच्छी पैदावार की उम्मीदों के बीच अचानक आई बारिश ने फसल को भिगो दिया। नमी और धूप की कमी के कारण अब मक्के के दानों में फफूंदी और सड़न का खतरा मंडरा रहा है। कई किसानों ने तिरपाल डालकर या उपज को गोदामों में रखकर बचाने की कोशिश की, लेकिन लगातार उमस और बारिश के कारण ये उपाय बेअसर साबित हो रहे हैं।

ग्राम हरनावदाशाहजी के किसान भंवरलाल ने भावुक स्वर में कहा, “हाथ में आया निवाला छिन गया, अब बस सरकार से ही उम्मीद है। राम तो रूठा तो चल जाएगा, पर राज न रूठे तो मिलेगी राहत।” किसानों की यह बेबसी पूरे क्षेत्र में झलक रही है, जहाँ खेतों में कीचड़ और दलदल के कारण फसल को निकालना भी कठिन हो गया है।

किसानों का कहना है कि बारिश का असर केवल वर्तमान फसल तक सीमित नहीं रहेगा। सरसों की बुआई में देरी होगी और गेहूं की तैयारी भी पिछड़ रही है। अगर आने वाले दिनों में मौसम साफ नहीं हुआ, तो अगली फसल का पूरा चक्र प्रभावित हो जाएगा।

युवा नेता अरबाज खान ने किसानों की ओर से प्रशासन से मांग की है कि तत्काल फसल सर्वे करवाकर उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और अगली बुवाई की तैयारी समय पर शुरू की जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र राहत नहीं मिली, तो किसान आर्थिक संकट में फंस जाएंगे।

इस संबंध में छीपाबड़ौद तहसीलदार सुरेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि हल्का पटवारी द्वारा फसल खराबे के मुआवजे के लिए किसानों के दस्तावेज जमा किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेतों का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी, ताकि पात्र किसानों को समय पर राहत राशि प्रदान की जा सके।

स्थानीय कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि फसल को ऊँचे स्थान पर रखकर ढकें और जैसे ही धूप निकले, तुरंत सुखाने की प्रक्रिया शुरू करें। विभाग का कहना है कि इससे नुकसान को कुछ हद तक रोका जा सकता है।

ग्रामीणों ने बताया कि दीपावली के बाद इस बारिश ने पूरे क्षेत्र में मायूसी फैला दी है। खेतों में मेहनत, उम्मीद और खुशी — तीनों को मौसम की मार ने भिगो दिया है। किसानों की निगाहें अब आसमान की ओर टिकी हैं, बस सूरज निकलने की आस में ताकि मेहनत की फसल फिर से उम्मीद की किरण बन सके।

Updated On 30 Oct 2025 5:29 PM IST
Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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