नोहर में दो बाईपास कार्यों की दो साल से ठप, ग्रामीण और किसानों में बढ़ी नाराजगी
नोहर में स्वीकृत दो प्रमुख बाईपास मार्ग पिछले दो वर्षों से बंद पड़े हैं, जिससे किसानों और ग्रामीणों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। विधायक अमित चाचाण ने राजनीतिक द्वेष के चलते कार्य रोके जाने का आरोप लगाया, जबकि जांच कमेटी और पीडब्ल्यूडी विभाग के जवाब विवादित बने हुए हैं।

नोहर, 31 अक्टूबर। नोहर क्षेत्र में स्वीकृत दो प्रमुख बाईपास मार्गों का कार्य पिछले दो वर्षों से ठप पड़ा हुआ है, जिससे स्थानीय किसानों और आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह बहुचर्चित मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
पूर्ववर्ती सरकार के समय साहवा से सरदारशहर मार्ग तथा पल्लू से रावतसर मार्ग के लिए बाईपास स्वीकृत किए गए थे। पल्लू से रावतसर बाईपास का अर्थ वर्क कार्य भी पूरा कर लिया गया था, जिस पर करीब 30 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। बावजूद इसके, दोनों बाईपास मार्गों का निर्माण पिछले दो वर्षों से बंद पड़ा है।
स्थानीय विधायक अमित चाचाण ने इस मामले में नाराजगी व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष के कारण बाईपास के कार्य को रोका गया है। उन्होंने बताया कि दोनों बाईपास मार्गों के बन जाने से क्षेत्र में आवागमन सुगम हो जाता और नोहर शहर चारों तरफ़ से रिंग रोड से जुड़ जाता। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2023-24 के बजट में बाईपास मार्गों को स्वीकृति मिल चुकी थी और अर्थ वर्क का कार्य भी पूर्ण किया गया था।
किसानों ने विभाग की सहमति से बाईपास के निर्माण के लिए अपनी भूमि निशुल्क देने की स्वीकृति दी थी। इसके बावजूद राज्य में भाजपा की सरकार आने के बाद कार्य को रोक दिया गया। विधायक ने इसे विकास में बाधा डालने वाली मानसिकता का उदाहरण बताया। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में स्वीकृत कार्य भी अब तक पूरे नहीं हो पाए हैं।
विधायक अमित चाचाण ने बाईपास निर्माण के इस बहुचर्चित मामले को विधानसभा में उठाया था, जिसके बाद जांच कमेटी भी गठित की गई। हालांकि, विधायक का आरोप है कि कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में गड़बड़ी की और स्थानीय पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने भी विधानसभा को गुमराह करने वाला जवाब प्रस्तुत किया।
स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने बताया कि यदि बाईपास मार्गों का निर्माण निर्धारित सीमा के भीतर हो जाता, तो नोहर शहर का संपर्क रिंग रोड के माध्यम से और बेहतर होता। कार्य के ठप होने से न केवल आवागमन प्रभावित हुआ है, बल्कि किसानों और ग्रामीणों की दैनिक जीवन में भी परेशानी बढ़ गई है।
दो वर्षों से ठप पड़े बाईपास मार्गों की पुनः शुरूआत और पूर्णता स्थानीय विकास और आवागमन सुगमता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
