देवाता पंचायत की सड़क बदहाली बनी संकट — सारोठ चौराहा से मोड़ाया तक रास्ता टूटा, हादसों और कीचड़ से परेशान ग्रामीणों ने जताया आक्रोश
देवाता पंचायत क्षेत्र की सारोठ चौराहा से मोड़ाया तक सड़क जर्जर हालत में पहुंच चुकी है, जिससे दस से अधिक गांवों के लोग परेशान हैं। कीचड़, गड्ढों और हादसों से त्रस्त ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क निर्माण जल्द शुरू करने की मांग की है।

ब्यावर। देवाता पंचायत क्षेत्र की प्रमुख संपर्क सड़क सारोठ चौराहा से मोड़ाया तक आज ग्रामीणों के लिए परेशानी का प्रतीक बन गई है। कभी क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली यह सड़क अब पूरी तरह जर्जर हालत में पहुंच चुकी है। गहरे गड्ढों, कीचड़ और टूटी सतह ने इसे इस कदर खतरनाक बना दिया है कि यहां से गुजरना अब जोखिम भरा हो गया है। यह मार्ग न केवल देवाता पंचायत बल्कि डूंगरखेड़ा, भरतवा, बादनी, अनाकर, हथानखेड़ा, सारोठ और सुरेडिया सहित दस से अधिक गांवों को जोड़ता है, जिससे हजारों लोगों का रोजमर्रा का जीवन इससे प्रभावित हो रहा है।
बरसात के बाद सड़क की हालत और भी खराब हो गई है। जगह-जगह पानी भरने और कीचड़ जमने से दोपहिया वाहनों का चलना मुश्किल हो गया है। स्कूली छात्र-छात्राओं को रोज इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है, जहां कीचड़ उछलकर कपड़ों को गंदा कर देता है और कई बार बच्चे फिसलकर चोटिल भी हो जाते हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सुबह और दोपहर के समय स्कूल बसों व वाहनों के गुजरने से स्थिति और अधिक विकट हो जाती है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं, जिनमें स्कूली बसें, अध्यापक और व्यापारी शामिल हैं। इसके बावजूद सड़क मरम्मत या निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण यह मार्ग दुर्घटनाओं का केंद्र बन गया है। बीते कुछ महीनों में कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें वाहनों के फिसलने और पलटने जैसी घटनाएँ शामिल हैं।
बुधवार दोपहर को एक बड़ा हादसा टल गया जब पत्थरों से भरा एक डंपर गुजरते समय अचानक उसका पिछला डाला खुल गया और भारी पत्थर सड़क पर बिखर गए। चालक ने बताया कि लॉक टूट जाने से यह घटना हुई। सौभाग्य से उस समय पीछे कोई वाहन नहीं था, अन्यथा गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। ग्रामीणों ने बताया कि यदि पीछे स्कूल बस या कोई अन्य वाहन होता, तो स्थिति भयावह हो सकती थी।
घटना के बाद जब सड़क से पत्थर हटाने के लिए जेसीबी मशीन बुलाई गई, तो एक स्थानीय महिला ने विरोध करते हुए जेसीबी के आगे बैठकर रास्ता रोक दिया। इस दौरान कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। बाद में माइंस कर्मियों और ग्रामीणों के बीच बातचीत के बाद मामला शांत हुआ।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क का टेंडर पहले ही स्वीकृत हो चुका है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि प्रशासन से कई बार शिकायतें की गईं, परंतु कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए अब लोगों का सब्र टूटने लगा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सड़क निर्माण शुरू नहीं किया गया, तो वे सामूहिक आंदोलन करेंगे और सड़क जाम करने को बाध्य होंगे।
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क को प्राथमिकता में लेकर जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल देवाता पंचायत का नहीं, बल्कि आसपास के अनेक गांवों के जीवन का प्रश्न है। खराब सड़कें न केवल यातायात में बाधा डाल रही हैं, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनती जा रही हैं। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन शीघ्र हस्तक्षेप कर इस गंभीर समस्या का समाधान करेगा।
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Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
