दिल्ली-एनसीआर वायु प्रदूषण पर गंभीर चिंता; राज्यों के क्रियान्वित प्लान से सुधार की उम्मीदें मजबूत
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने राजस्थान और पंजाब के वायु प्रदूषण नियंत्रण एक्शन प्लान की समीक्षा की, अलवर, भिवाड़ी, नीमराणा और भरतपुर में सार्वजनिक परिवहन सुधार, इलेक्ट्रिक बस और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर, ट्रक पार्किंग की समस्या पर सख्त कार्रवाई का निर्देश।

दिल्ली NCR वायु प्रदूषण नियंत्रण बैठक
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री, श्री भूपेंद्र यादव ने आज राजस्थान और पंजाब सरकारों के वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए तैयार किए गए विस्तृत एक्शन प्लान की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती वायु प्रदूषण की चुनौती को ध्यान में रखते हुए पांचवीं समीक्षा बैठक थी। मंत्री ने बताया कि 3 दिसंबर 2025 को आयोजित पिछली समीक्षा बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार यह बैठक निर्धारित मापदंडों और फॉर्मेट के तहत आयोजित की गई।
बैठक के दौरान श्री यादव ने दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता पर वर्ष भर चिंता व्यक्त की और कहा कि जनवरी 2026 से यह समीक्षा मासिक रूप से मंत्रीस्तरीय बैठक में आयोजित की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट जिम्मेदारी तय करते हुए क्षेत्रवार लक्षित एक्शन प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि क्योंकि यह योजनाएं आठ महीने पहले तैयार की जा रही हैं, इसलिए उनका कुशल क्रियान्वयन अगले मौसम में सकारात्मक परिणाम दिखाने में सक्षम होगा। इसके साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य स्तर की सभी कार्यान्वयन बाधाओं को नियमित अंतर-राज्य समन्वय बैठकों के माध्यम से दूर किया जाएगा।
राजस्थान के विस्तृत एक्शन प्लान की समीक्षा करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने अलवर, भिवाड़ी, नीमराणा और भरतपुर में सार्वजनिक परिवहन की खामियों को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों की खरीद प्राथमिकता पर की जाए और इसकी समय-सीमा सहित प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। इसके अलावा, शहरी क्षेत्रों और हाईवे व एक्सप्रेसवे पर चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को मिशन मोड में बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।
बैठक में भिवाड़ी और नीमराणा में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अनियोजित ट्रक पार्किंग को गंभीर समस्या बताया गया। इसके लिए तत्काल कार्रवाई करते हुए पार्किंग स्थल की पहचान और पार्किंग योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया, ताकि यातायात जाम और प्रदूषण दोनों को नियंत्रित किया जा सके।
केंद्रीय मंत्री ने बैठक में यह भी रेखांकित किया कि सभी एक्शन प्लान केवल कागज पर ही नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका कार्यान्वयन समयबद्ध और प्रभावी ढंग से होना अनिवार्य है। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि वे हर महीने की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें और आवश्यकता अनुसार अंतर-राज्य सहयोग को सुदृढ़ करें।
विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर का वायु प्रदूषण केवल राष्ट्रीय राजधानी तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के राज्यों के औद्योगिक और परिवहन गतिविधियों से भी प्रभावित होता है। ऐसे में राजस्थान और पंजाब के प्रभावी और क्रियान्वित एक्शन प्लान से प्रदूषण नियंत्रण में लंबी अवधि के स्थायी सुधार की संभावना बढ़ेगी।
बैठक का समापन केंद्रीय मंत्री के आश्वासन के साथ हुआ कि सभी रोडमैप और बाधाओं का समाधान उच्चतम स्तर पर सुनिश्चित किया जाएगा। यह कदम दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में एक निर्णायक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
