प्रतापगढ़ में प्राकृतिक नाले की भूमि पर अवैध भूखंड नीलामी का बड़ा खुलासा हुआ है। नियमों की अनदेखी पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीन भूखंडों का आवंटन निरस्त कर दिया है। सभापति रामकन्या गुर्जर की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के साथ जिला कलक्टर ने दो कार्मिकों को निलंबित और दो अधिकारियों को चार्जशीट दी है। जानिए पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का यह पूरा मामला।

प्रतापगढ़। शहर के पारिस्थितिक तंत्र और कानून की सरेआम धज्जियां उड़ाने वाला एक गंभीर मामला प्रतापगढ़ के हृदय स्थल में सामने आया है, जहां प्राकृतिक नाले की भूमि को नियमों के विरुद्ध जाकर नीलाम कर दिया गया। न्यायालयों और हरित प्राधिकरण के सख्त आदेशों को ताक पर रखकर किए गए इस खेल का पर्दाफाश होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने न केवल तीन भूखंडों की नीलामी को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है, बल्कि लापरवाही बरतने वाले दो कार्मिकों को निलंबित कर भ्रष्टाचार और अनियमितता के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है।

यह पूरा प्रकरण देवगढ़ दरवाजे से गलजी कुएं तक फैले प्राकृतिक नाले के राजस्व सीमांकन से शुरू हुआ। माननीय सर्वोच्च न्यायालय, विभिन्न उच्च न्यायालयों, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) और पब्लिक लैंड प्रोटेक्शन सेल (PLPC) ने समय-समय पर यह स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक जल स्रोतों, नालों और उनके 6 मीटर के बफर जोन में किसी भी प्रकार का निर्माण, आवंटन या भू-उपयोग परिवर्तन पूरी तरह प्रतिबंधित है। इन विधिक बाधाओं के बावजूद, नगर परिषद के स्तर पर ई-ऑक्शन के माध्यम से 99 वर्ष की लीज पर तीन प्राइम लोकेशन के भूखंडों का विक्रय कर दिया गया, जो सीधे तौर पर पर्यावरण संरक्षण नियमों का उल्लंघन था।

मामले की परतें तब खुलीं जब 24 दिसंबर को मौके पर व्यापक निरीक्षण और राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन कराया गया। इस जांच रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि नीलाम किए गए तीनों भूखंड पूरी तरह से नाले की भूमि और उसके सुरक्षित बफर जोन के भीतर स्थित थे। इस गंभीर चूक और विधि विरुद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करने की पुष्टि होने के बाद, नगर परिषद सभापति रामकन्या गुर्जर की अध्यक्षता में एम्पावर्ड कमेटी की एक आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में नगरीय भूमि निष्पादन नियम 1974 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन भूखंडों के आवंटन को शून्य घोषित कर दिया गया।

प्रशासनिक स्तर पर इस मामले में कड़ा प्रहार करते हुए जिला कलक्टर ने कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही बरतने और भ्रामक रिपोर्ट पेश करने के आरोप में दो संबंधित कार्मिकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, इस पूरी प्रक्रिया में शामिल रहे दो उच्चाधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस (चार्जशीट) जारी की गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि प्राकृतिक संसाधनों के साथ खिलवाड़ और न्यायिक आदेशों की अवहेलना करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना ने शहर में भू-माफियाओं और विभागीय सांठगांठ के गठजोड़ पर एक बड़ा प्रहार किया है, जो भविष्य के लिए एक नजीर साबित होगा।

Pratahkal Bureau

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