छोटीसादड़ी के बंबोरी रघुनाथपुरा स्थित श्री गंगेश्वर महादेव के तीन दिवसीय मेले में अश्व नृत्य प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण रही, जहां राजेंद्र सिंह भिंडर के घोड़े ‘जिद्दिला बना’ ने दो चरणों में प्रथम स्थान हासिल किया। मेले में भारी भीड़, व्यापारिक रौनक और विजेताओं का भव्य सम्मान समारोह आयोजित हुआ।

छोटीसादड़ी उपखंड क्षेत्र के बंबोरी रघुनाथपुरा स्थित श्री गंगेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय मेले का समापन उत्साह, आस्था और रोमांचक प्रतियोगिताओं के बीच हुआ। मेले के दूसरे दिन जहां श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी, वहीं अंतिम दिन आयोजित अश्व प्रतियोगिताओं ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। परंपरा और संस्कृति के संगम बने इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय वातावरण में सराबोर कर दिया।


मेले के दौरान दूरदराज से आए व्यापारियों की दुकानों पर अच्छी खासी ग्राहकी रही। मनिहारी, खिलौने और बर्तनों की दुकानों पर खरीदारी का सिलसिला दिनभर जारी रहा। ग्रामीण परिवेश की सादगी और मेले की रौनक ने आयोजन को जीवंत बना दिया। श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन-पूजन कर धार्मिक आस्था प्रकट की, वहीं बच्चों और युवाओं के लिए मनोरंजन का विशेष आकर्षण रहा।


समापन दिवस पर श्री गंगेश्वर रंगमंच पर आयोजित अश्व प्रतियोगिता आयोजन का मुख्य आकर्षण रही। प्रतियोगिता का संयोजन गोविंद गुर्जर, बंबोरी द्वारा किया गया। इस वर्ष प्रतिभागियों ने अपने घोड़ों के साथ उल्लेखनीय प्रदर्शन प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता दो चरणों में आयोजित की गई, जिसमें प्रथम चरण अश्व नृत्य प्रतियोगिता ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। निर्णायकों ने घोड़ों की चाल, ताल, अनुशासन और प्रस्तुति के आधार पर परिणाम घोषित किए।


अश्व नृत्य प्रतियोगिता में राजेंद्र सिंह भिंडर के घोड़े ‘जिद्दिला बना’ ने उत्कृष्ट संतुलन और लयबद्ध प्रस्तुति के साथ प्रथम स्थान प्राप्त कर बाज़ी मारी। धर्मचंद पालाखेड़ी के घोड़े ‘सूरज’ ने आकर्षक प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान हासिल किया, जबकि दुर्गेश सुथार सेटवाना के घोड़े ‘सूरज’ ने संतुलित प्रदर्शन के आधार पर तृतीय स्थान प्राप्त किया।


दूसरे चरण की चाल प्रतियोगिता में भी ‘जिद्दिला बना’ ने अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। शंभू लाल पालाखेड़ी के घोड़े ‘तूफान’ को द्वितीय तथा हसन भाई सोहनखेड़ा के घोड़े ‘बादशाह’ को तृतीय स्थान मिला। प्रतियोगिता के दौरान उपस्थित दर्शकों ने विजेता प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और आयोजन की भव्यता की सराहना की।


मंदिर मंडल विकास कमेटी की ओर से प्रतियोगिता के संयोजक गोविंद गुर्जर का साफा पहनाकर एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मान किया गया। विजेता और उपविजेता प्रतिभागियों को ट्रॉफी, उपहार एवं नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मंदिर मंडल विकास कमेटी के उपाध्यक्ष बगदीराम जणवा, सचिव किशन जनवा, उकार गमोर तथा जलोदा जागीर पुलिस थाना के एसएचओ कमला शंकर सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। मंदिर समिति द्वारा पुलिस प्रशासन का भी प्रशस्ति पत्र और उपरना पहनाकर अभिनंदन किया गया। मेले में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पांच दुकानों का चयन कर उन्हें भी सम्मानित किया गया।


धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और ग्रामीण खेलों के अद्भुत समन्वय से सजा यह तीन दिवसीय मेला न केवल क्षेत्रीय एकता का प्रतीक बना, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने का सशक्त माध्यम भी साबित हुआ। आयोजन की सफलता ने आने वाले वर्षों के लिए एक नई मिसाल कायम की है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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