उत्तर प्रदेश विधानसभा बजट सत्र 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव के बीच तीखी जुबानी जंग। 9.16 लाख करोड़ के बजट, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था पर आंकड़ों के साथ पूरी रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर 'सत्ता' और 'विपक्ष' के बीच शब्दों के बाणों ने विधानसभा की गर्मी बढ़ा दी है। फरवरी 2026 के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के बीच सीधी भिड़ंत देखने को मिली। जहां योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के अब तक के सबसे बड़े 9.16 लाख करोड़ रुपये के बजट को 'विकास का रोडमैप' बताया, वहीं अखिलेश यादव ने इसे 'विदाई बजट' करार दिया।

9.16 लाख करोड़ का बजट: सरकार के दावे

योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹9,16,960 करोड़ का भारी-भरकम बजट पेश किया है। सदन में मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े पेश किए:

• बजट का आकार: पिछले वर्ष की तुलना में बजट में लगभग 12.9% की वृद्धि की गई है।

• पूंजीगत व्यय (Capital Outlay): बजट का 19.5% हिस्सा बुनियादी ढांचे और निर्माण कार्यों पर खर्च होगा।

• कृषि और रोजगार: कृषि क्षेत्र के लिए ₹10,088 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जो पिछले साल से 20% अधिक है।

• सुरक्षा: कानून व्यवस्था और पुलिस आधुनिकीकरण के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। योगी आदित्यनाथ ने शायराना अंदाज में कहा कि "अब यूपी में कट्टा नहीं, विकास और कानून का राज याद आता है।"


अखिलेश यादव का पलटवार: 'आंकड़ों की बाजीगरी'

नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने बजट को लेकर सरकार को घेरते हुए इसे जनता के साथ धोखा बताया। उन्होंने विभाग-वार खर्च के आंकड़ों को लेकर सरकार पर प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाया:

1. कम खर्च का आरोप: अखिलेश ने दावा किया कि सरकार बजट तो बड़ा पेश करती है, लेकिन खर्च करने में असमर्थ है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेसिक शिक्षा में केवल 62%, स्वास्थ्य में 58% और कृषि में महज 57% आवंटन ही खर्च हो पाया है।

2. बेरोजगारी और रोजगार: सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार के पास बेरोजगारी दूर करने का कोई ठोस रोडमैप नहीं है। उन्होंने कहा कि "मकान बदल रहे हैं, लेकिन मोहल्ले (जमीनी हकीकत) नहीं बदल रहे।"

3. सर्टिफिकेट विवाद: हाल ही में अखिलेश ने योगी आदित्यनाथ के 'योगी' होने पर सवाल उठाते हुए उनसे "योगी सर्टिफिकेट" तक मांग लिया, जिस पर सदन में काफी हंगामा हुआ।


यूपी की वर्तमान स्थिति: आंकड़ों के आईने में

सदन में चर्चा के दौरान प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर भी तीखी बहस हुई:




क्षेत्र

मुख्य आंकड़े (2026 अपडेट)

GSDP

अनुमान ₹36 लाख करोड़ (अनुमानित)

राजकोषीय घाटा

2.98% (जो 3% की सीमा के भीतर है)

नई योजनाएं

₹43,565 करोड़ की नई स्कीमें शामिल

निवेश

₹50 लाख करोड़ के निवेश का दावा (विपक्ष ने इस पर सवाल उठाए)

2027 की तैयारी

दोनों नेताओं के बीच यह जुबानी जंग केवल बजट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए बिछ रही बिसात के रूप में देखा जा रहा है। जहां बीजेपी 'एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी' और कानून व्यवस्था के दम पर फिर से सत्ता में वापसी का दावा कर रही है, वहीं समाजवादी पार्टी 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेर रही है।

विधानसभा का यह सत्र न केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा है, बल्कि जनता के बीच यह संदेश देने की कोशिश भी है कि कौन उनके हकों की लड़ाई बेहतर लड़ रहा है।

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