तेज प्रताप यादव का पूर्व IPS पर गंभीर आरोप ; डिजिटल चैनल विवाद बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा
तेज प्रताप यादव ने पूर्व IPS अमिताभ कुमार दास के खिलाफ पटना में दर्ज कराई मानहानि की शिकायत, आरोपित ने डिजिटल चैनल पर दिए आपत्तिजनक और बेसिर-पैर वाले बयान, पुलिस ने मामला स्वीकार किया, बिहार राजनीति में खड़ा हुआ नया विवाद।

तेज प्रताप यादव
बिहार राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। 4 दिसंबर 2025 को तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि उन्होंने पटना स्थित सचिवालय थाना में पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ कुमार दास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में तेज प्रताप यादव ने आरोप लगाया कि दास ने एक डिजिटल न्यूज चैनल पर उनके और उनके परिवार के खिलाफ “आपत्तिजनक, मानहानि और बेसिर-पैर” वाले बयान दिए।
शिकायत के अनुसार, अमिताभ कुमार दास द्वारा दिए गए ये बयान न केवल तेज प्रताप यादव के व्यक्तिगत सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले हैं, बल्कि उनके परिवार की छवि को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास हैं। तेज प्रताप यादव ने स्पष्ट किया कि ये टिप्पणियां सभी मर्यादाओं को पार कर गई हैं और इन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
पूर्व IPS अमिताभ कुमार दास, जो 1994 बैच के बिहार कैडर के अधिकारी रह चुके हैं और अब सेवानिवृत्त हैं, अपनी राजनीतिक और सामाजिक टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं। उनके द्वारा तेज प्रताप यादव और उनके परिवार पर लगाए गए आरोपों ने बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में हलचल मचा दी है।
शिकायत दर्ज होने के बाद, सचिवालय थाना के पुलिस अधिकारियों ने इसे स्वीकार किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की शिकायतें आमतौर पर मानहानि और आपत्तिजनक टिप्पणी की सीमा को तय करने के लिए अदालत में परीक्षण के लिए जाती हैं। यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो इसके तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इस घटना के राजनीतिक और सामाजिक निहितार्थ भी हैं। तेज प्रताप यादव की यह शिकायत एक संकेत है कि सार्वजनिक रूप से व्यक्त किए गए बयान और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर की जाने वाली टिप्पणियों पर भी कानूनी जिम्मेदारी होती है। साथ ही यह मामला बिहार में राजनीतिक नेताओं और पूर्व सरकारी अधिकारियों के बीच तनावपूर्ण संबंधों को उजागर करता है।
मामले की आगे की जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई इस विवाद की दिशा तय करेगी। यह घटना बिहार में डिजिटल मीडिया पर व्यक्त किए गए सार्वजनिक बयान और उनके प्रभाव की संवेदनशीलता को भी दर्शाती है। तेज प्रताप यादव की कार्रवाई यह स्पष्ट करती है कि राजनीतिक और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा की सुरक्षा के लिए कानूनी विकल्प हमेशा मौजूद हैं।
समाप्त करते हुए कहा जा सकता है कि तेज प्रताप यादव द्वारा दर्ज कराई गई यह शिकायत केवल एक व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि बिहार में राजनीतिक संवाद और डिजिटल मीडिया की जिम्मेदारी पर एक गंभीर परीक्षा का रूप लेती है। भविष्य में इस मामले से जुड़े निर्णय राजनीतिक और कानूनी दोनों ही दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण साबित होंगे।
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Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
